Air India Mega Plan: एयर इंडिया खरीदेगी नए वाइड-बॉडी विमान; CEO तेवोल्डे गेब्रेमरियाम बोले- 'जल्द मुनाफे में लौटेगी एयरलाइन'
अंतरराष्ट्रीय बाजार में पकड़ मजबूत करने की तैयारी; घाटे से उबरने के लिए CEO ने लागत कटौती और नेटवर्क रिबैलेंसिंग का बनाया मेगा प्लान।
बिजनेस डेस्क, भदैनी मिरर: टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करने और वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) तेवोल्डे गेब्रेमरियाम (Tewolde Gebremariam) ने मंगलवार को घोषणा की कि एयर इंडिया अपने वाइड-बॉडी (बड़े आकार के) विमानों के ऑर्डर को बढ़ाने की योजना बना रही है।

सीईओ ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एयर इंडिया अपनी क्षमता और ताकत के हिसाब से फिलहाल पीछे (punching below its weight) चल रही है, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदलने वाली है।
'शेयरधारकों से ज्यादा मुझे मुनाफे का इंतजार'
एयर इंडिया को जल्द से जल्द घाटे से उबारकर मुनाफे में लाने का भरोसा जताते हुए तेवोल्डे गेब्रेमरियाम ने कहा:
"एयर इंडिया अब तक अपनी वास्तविक क्षमता से कम प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन अब यह बदलेगा। शेयरधारकों की तुलना में मैं एयर इंडिया को जल्द से जल्द लाभदायक (Turn profitable) होते देखने के लिए अधिक उत्सुक हूँ।"
उन्होंने आगे कहा कि बेड़े के नवीनीकरण (Fleet Renewal) जैसे क्षेत्रों में एयरलाइन ने काफी महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, मौजूदा वित्तीय घाटा, हवाई क्षेत्र (Airspace) में व्यवधान और लगातार बढ़ती परिचालन लागत कंपनी के लिए मुख्य चिंता का विषय बनी हुई है।
लागत पर लगाम कसने के लिए गठित की 'स्पेशल टीम'
बढ़ती परिचालन लागत पर चिंता व्यक्त करते हुए सीईओ ने कहा कि प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर लागत (ASKM) को नियंत्रित करना हमारी प्राथमिकता है। इस दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने पिछले महीने एक विशेष 'मल्टीडिसिप्लिनरी, क्रॉस-फंक्शनल कॉस्ट सेविंग्स टीम' का गठन किया है।
यह टीम फुल-टाइम आधार पर काम करेगी और एयरलाइन के हर विभाग में होने वाले अनावश्यक खर्चों की पहचान कर उन्हें कम करने के रास्ते तलाशेगी।
कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक संदेश में सीईओ ने 'किफायत (Frugality), जवाबदेही और विचारशील निर्णय लेने' की मानसिकता अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कई बाहरी कारक हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, लेकिन कर्मचारी अपने रोजमर्रा के फैसलों से लागत नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
टाटा अधिग्रहण के बाद अब तक का सबसे बड़ा घाटा
वित्त वर्ष 2025-26 एयर इंडिया के लिए वित्तीय मोर्चे पर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है:
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वार्षिक घाटा: वित्त वर्ष 2025-26 में एयर इंडिया को लगभग 2.3 बिलियन डॉलर (करीब 19,000 करोड़ रुपये) का घाटा दर्ज हुआ है, जो जनवरी 2022 में टाटा समूह द्वारा एयरलाइन के अधिग्रहण के बाद से सबसे बड़ा वार्षिक घाटा है।
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कुल घाटा: टाटा के अधिग्रहण के बाद से अब तक एयर इंडिया का कुल संचयी घाटा (Cumulative Loss) लगभग 5.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
ग्लोबल एविएशन हब बनेगा भारत
भारत के विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) की अपार संभावनाओं पर बात करते हुए गेब्रेमरियाम ने कहा कि अगर सही समय पर सही कदम उठाए जाएं तो भारत दुनिया का एक प्रमुख ग्लोबल एविएशन हब बन सकता है। इसके लिए एयर इंडिया अपने मौजूदा रूट्स, नेटवर्क और हब्स (Hubs) को दोबारा व्यवस्थित (Rebalance) करने पर काम कर रही है।
