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एपेक्स में धूमधाम से मनाया गया विश्व फिजियोथेरेपी दिवस व 21वां वार्षिकोत्सव: 'कम्युनिटी फिजियोथेरेपी' पुस्तक का विमोचन, शोध-पत्र प्रस्तुत

'कम्युनिटी फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन' पुस्तक का विमोचन; विशेषज्ञों ने स्ट्रोक और दिल की बीमारियों के इलाज में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर डाला प्रकाश

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भदैनी मिरर (वाराणसी/हेल्थ डेस्क): एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी और एपेक्स हॉस्पिटल एडवांस्ड फिजीकल मेडिकल रिहैब यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस एवं 21वें वार्षिकोत्सव का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर “हृदय संबंधी रोगों एवं स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी एवं शारीरिक गतिविधियों की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय विशेष शैक्षणिक सत्र आयोजित हुआ।

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कार्यक्रम का शुभारंभ एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्य अतिथि न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील कुमार, बीएचयू के सेवानिवृत्त वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अयोध्या प्रसाद, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अकदस मुमताज़, ओंको रिहैब विशेषज्ञ डॉ. दिबयेन्दु, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्या, फिज़िकल रिहैब हेड डॉ. यू.के. सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रकाश पुंज, बिड़ला हॉस्पिटल के डॉ. आनंद शंकर सिंह, पूर्वोत्तर रेलवे के डॉ. एस.के. मंडल, प्रधानाचार्य प्रो. पुनीत जायसवाल एवं उप-प्रधानाचार्य डॉ. सौरभ आनंद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

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'कम्युनिटी फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन' पुस्तक का विमोचन

सत्र के दौरान अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. पुनीत जायसवाल द्वारा लिखित पुस्तक 'कम्युनिटी फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन' (Community Physiotherapy and Rehabilitation) का औपचारिक विमोचन हुआ। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फैकल्टी सदस्यों एवं होनहार विद्यार्थियों को 'एपीआई फाउंडेशन अवॉर्ड' (API Foundation Award) से सम्मानित किया गया।

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विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किए अत्याधुनिक शोध-पत्र

शैक्षणिक सत्र में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपने शोध-पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए:

  • डॉ. पुनीत जायसवाल: पुनर्वास (Rehabilitation) में ब्लड फ्लो रिस्ट्रिक्शन ट्रेनिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।

  • डॉ. कशिश सिंह: वृद्ध महिलाओं में संतुलन सुधारने हेतु प्रोप्रियोसेप्टिव एवं रिएक्टिव बैलेंस ट्रेनिंग के तुलनात्मक प्रभाव को साझा किया।

  • डॉ. सुरभि आर्या: ट्रिगर पॉइंट से राहत पाने में ड्राई नीडलिंग और अल्ट्रासाउंड थेरेपी के असर का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया।

  • डॉ. रजत सिंह: भारतीय वयस्कों की संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive Ability) पर एरोबिक व्यायाम के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया।

विद्यार्थियों की रही सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए क्विज, वाद-विवाद (Debate) और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पूरे आयोजन का समापन "मूवमेंट जीवन को गति देता है और फिजियोथेरेपी उसे सशक्त बनाती है" के प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ।