विश्व अस्थमा दिवस: एपेक्स हॉस्पिटल में सांस के मरीजों को मिली बड़ी राहत, 39 लोगों का हुआ निःशुल्क लंग्स फंक्शन टेस्ट
प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के संरक्षण में जागरूकता शिविर का आयोजन, विशेषज्ञों ने दी सलाह।
वाराणसी। विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं पीजीआई, वाराणसी में आम जनमानस को श्वसन रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कदम उठाया गया। चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के संरक्षण में चेस्ट एवं श्वसन रोग विभाग द्वारा एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार की महत्ता को समझाना था।


मुफ्त जांच से जाना फेफड़ों का हाल
शिविर के दौरान अस्पताल में आए आगंतुकों, मरीजों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT) की सुविधा दी गई। इस टेस्ट के माध्यम से फेफड़ों की कार्यक्षमता का सटीक आकलन किया गया। शिविर में कुल 39 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया और अपने फेफड़ों के स्वास्थ्य की स्थिति जानी।

विशेषज्ञ की सलाह: लक्षणों को न करें नजरअंदाज
श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन कुमार ने मरीजों का परामर्श देते हुए व्यक्तिगत उपचार के तरीके बताए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सांस फूलना, बार-बार खांसी आना, सीने में जकड़न या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज (व्हीजिंग) आना अस्थमा के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में फेफड़ों के लिए घातक साबित हो सकता है।

छात्रों ने चलाया जागरूकता अभियान
एपेक्स हॉस्पिटल के पैरामेडिक डिप्लोमा छात्र-छात्राओं ने भी इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों ने ओपीडी, वार्ड और वेटिंग एरिया में जाकर लोगों को अस्थमा से बचाव के तरीके बताए। उन्होंने समझाया कि समय पर जांच और सही इनहेलर तकनीक के उपयोग से अस्थमा के साथ भी एक सामान्य जीवन जिया जा सकता है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य लोगों में बीमारी के प्रति डर को खत्म करना और उन्हें सही इलाज के लिए प्रेरित करना है।
