Varanasi New : डॉ. मुकेश कुमार बने वाराणसी के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शासन ने जारी की तबादला सूची
वाराणसी समेत 21 से अधिक जिलों के सीएमओ बदले गए
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए फेरबदल के तहत वाराणसी जनपद को नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मिल गया है। शासन द्वारा जारी नवीनतम तबादला सूची के अनुसार, डॉ. मुकेश कुमार को वाराणसी का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है।
डॉ. मुकेश कुमार की नियुक्ति के साथ ही अब काशी की स्वास्थ्य सेवाओं, जिला व सामुदायिक अस्पतालों के प्रबंधन और केंद्र व राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य योजनाओं (National Health Schemes) को धरातल पर उतारने की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है।
यूपी के 21 से अधिक जिलों के सीएमओ बदले
शासन स्तर से जारी आदेश के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से 21 से अधिक जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों का ट्रांसफर कर नई तैनाती दी है।


इन प्रमुख जिलों में भी हुए बदलाव:
-
वाराणसी: डॉ. मुकेश कुमार (नए सीएमओ)
-
गाजियाबाद: डॉ. सचिन चंद्र वैश्य
-
अंबेडकरनगर: डॉ. प्रमोद कुमार
-
जालौन: डॉ. हरिनंदन प्रसाद
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, इन तबादलों का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं की पहुंच आम जनता तक आसान बनाना और स्वास्थ्य प्रशासन में पारदर्शिता लाना है।
पूर्वांचल के सबसे बड़े मेडिकल हब में नए सीएमओ के सामने होंगी ये चुनौतियां
धार्मिक राजधानी होने के साथ-साथ वाराणसी पूरे पूर्वांचल का चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र (Medical Hub) है। यहाँ न केवल वाराणसी बल्कि चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, भदोही और पड़ोसी राज्य बिहार के मरीज भी बड़े पैमाने पर इलाज के लिए आते हैं।

ऐसे में नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार के सामने कई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी:
-
अस्पतालों की री-ब्रांडिंग व सुधार: सरकारी और मंडलीय अस्पतालों की आपातकालीन (Emergency) व्यवस्थाओं और ओपीडी (OPD) को और अधिक मजबूत करना।
-
योजनाओं का क्रियान्वयन: आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना।
-
स्वास्थ्य महकमे की समीक्षा: पदभार ग्रहण करने के बाद नए सीएमओ जल्द ही जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक कर ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की समीक्षा कर सकते हैं।
