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वाराणसी: निःशुल्क न्यूरोपैथी टेस्ट कैंप संपन्न; 85 लोगों की हुई नसों की जांच, विशेषज्ञों ने दी स्वस्थ जीवन की सलाह

डायबिटीज के मरीजों में बिना लक्षण के शुरू हो सकती है न्यूरोपैथी, डॉ. अंकिता पटेल ने कहा- स्वस्थ नसें ही स्वस्थ जीवन की नींव हैं

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वाराणसी। डीएलडब्ल्यू स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में गुरुवार को निःशुल्क न्यूरोपैथी टेस्ट (VPT) कैंप का सफल आयोजन किया गया। चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के संरक्षण में आयोजित इस कैंप में कुल 85 लोगों ने अपनी नसों की संवेदनशीलता की जांच कराई और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया।

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स्वस्थ नसें, स्वस्थ जीवन की नींव: डॉ. अंकिता पटेल

कैंप का शुभारंभ एपेक्स की निदेशिका डॉ. अंकिता पटेल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि डायबिटीज़ के साथ जुड़ी न्यूरोपैथी एक गंभीर समस्या है, जो अक्सर बिना किसी बड़े लक्षण के शुरू होती है। डॉ. अंकिता ने जोर देते हुए कहा, "स्वस्थ नसें स्वस्थ जीवन की नींव हैं। अगर सही समय पर जांच हो जाए, तो न्यूरोपैथी के गंभीर खतरों को रोका जा सकता है।"

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

कैंप के दौरान न्यूरो फिजीशियन डॉ. सुनील शर्मा, फिजीशियन डॉ. रोहित सिंह और डॉ. एस.के. यादव ने मरीजों को न्यूरोपैथी के खतरों के प्रति सचेत किया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस होते हैं, तो नसों की जांच (VPT) अनिवार्य है:

  • पैरों में लगातार झनझनाहट या सुन्नपन रहना।

  • पैरों में जलन या सुई चुभने जैसा अहसास होना।

  • चलते समय संतुलन खोना या कमजोरी महसूस करना।

  • पैरों में घाव होना या घाव का देर से भरना।

  • रात के समय पैरों में तेज दर्द या बेचैनी।

व्यायाम और उपचार से संभव है बचाव

ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्याश्री और फिजिकल थेरेपिस्ट डॉ. यू.के. सिंह ने मरीजों को कुछ साधारण व्यायामों के बारे में बताया, जिससे नसों की कार्यक्षमता को सुधारा जा सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति और शुगर के मरीजों को नियमित अंतराल पर नसों की संवेदनशीलता का आकलन कराना चाहिए।

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इस निःशुल्क कैंप में पहुंचे मरीजों ने अस्पताल की इस पहल की सराहना की। एपेक्स हॉस्पिटल प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के जन-जागरूकता और स्वास्थ्य कैंप आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।