Varansi हॉस्पिटल में सफल किडनी ट्रांसप्लांट; माँ ने अपनी किडनी देकर बचाई 24 वर्षीय बेटे की जिंदगी
भिखारीपुर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में नवरात्रि के दौरान हुआ सफल प्रत्यारोपण; चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की मौजूदगी में माँ-बेटे को दी गई विदाई
हेल्थ डेस्क (भदैनी मिरर): वाराणसी के भिखारीपुर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर में चिकित्सा जगत ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। यहाँ एक माँ ने ममता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए अपनी किडनी दान कर अपने 24 वर्षीय बेटे को नया जीवन दिया है। नवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हुए इस सफल किडनी प्रत्यारोपण के बाद स्वास्थ्य में पूर्ण सुधार होने पर माँ और बेटे दोनों को अस्पताल से स्थिर अवस्था में ससम्मान छुट्टी दे दी गई।

अस्पताल से विदाई के दौरान संस्थान के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में पुष्पगुच्छ भेंट कर और पुष्प-वर्षा कर माँ-बेटे का स्वागत किया गया। स्वस्थ होकर घर लौट रहे बेटे और परिजनों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने निभाया अहम रोल
इस जटिल और संवेदनशील ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को सफल बनाने में एपेक्स हॉस्पिटल की अनुभवी चिकित्सा टीम ने समन्वित प्रयास किए:
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ट्रांसप्लांट सर्जन: डॉ. पुनीत कुमार
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नेफरोलॉजिस्ट: डॉ. निवेदिता पंडित
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एनेस्थेसियोलॉजिस्ट: डॉ. अभिषेक सिंह
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प्रबंधक व कोऑर्डिनेटर: सनी, संदीप और मनमोहन
इनके अलावा एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ और ऑपरेशन थिएटर (OT) के कर्मचारियों ने उपचार से लेकर प्रत्यारोपण के बाद की देखभाल (Post-operative care) में उत्कृष्ट भूमिका निभाई।
चेयरमैन ने माँ के साहस को किया नमन
इस अवसर पर अस्पताल के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने माँ के अदम्य साहस, ममता और निःस्वार्थ प्रेम को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता परिवार के अटूट विश्वास और हमारी चिकित्सा टीम के समर्पण का परिणाम है। उन्होंने माँ और बेटे दोनों के उज्जवल, स्वस्थ एवं दीर्घायु भविष्य की कामना की।
डिस्चार्ज के दौरान दिए गए आवश्यक निर्देश
अस्पताल से विदाई के समय चिकित्सकों की टीम ने परिजनों और मरीज को स्वास्थ्य संबंधी विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी:
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नियमित फॉलोअप (Regular Follow-up) और डॉक्टर के परामर्श का पालन।
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निर्धारित समय पर नियमित रूप से दवाओं का सेवन।
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खान-पान में साफ-सफाई (Hygiene) और संक्रमण (Infection) से बचाव के पुख्ता उपाय।
चिकित्सकों के अनुसार, किडनी प्रत्यारोपण के बाद निरंतर चिकित्सकीय निगरानी और अनुशासन स्वास्थ्य लाभ के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।
