BHU में नई सौगात: इकोकार्डियोग्राफी एवं भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी लैब का हुआ उद्घाटन, गर्भस्थ शिशुओं के दिल की जांच होगी आसान
मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए BHU प्रतिबद्ध: कुलपति
वाराणसी (भदैनी मिरर)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय के हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट) में मरीजों की सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित सीएसएसबी (CSSB) ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर आधुनिक 'इकोकार्डियोग्राफी एवं भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी लैब' (Echocardiography & Fetal Echocardiography Lab) का औपचारिक उद्घाटन किया गया।



इस नई प्रयोगशाला का उद्घाटन काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर अजीत सिंह, सर सुंदरलाल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (MS) डॉ. पुनीत, कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित रहे।

जन्मजात हृदय रोगों की पहचान में मिलेगी बड़ी मदद
नई लैब शुरू होने से पूर्वांचल और आसपास के राज्यों से आने वाले हृदय रोगियों को आधुनिक जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
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इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography): इसके माध्यम से वयस्कों और बच्चों के हृदय की सटीक संरचना, उसकी कार्यप्रणाली और रक्त प्रवाह (Blood Flow) की जांच की जाती है।
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भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी (Fetal Echocardiography): यह विशेष जांच सुविधा गर्भवती महिलाओं के पेट में पल रहे शिशु (गर्भस्थ शिशु) के दिल की संरचना और उसकी धड़कन का विस्तृत आकलन करने में मदद करती है। इससे बच्चे के जन्म से पहले ही उसमें होने वाली किसी भी संभावित जन्मजात हृदय बीमारी (Congenital Heart Defects) का समय रहते पता लगाया जा सकेगा।
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मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए BHU प्रतिबद्ध: कुलपति
उद्घाटन के दौरान BHU के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय का निरंतर यही प्रयास रहता है कि पूर्वांचल और देश भर से आने वाले मरीजों को आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएं सुलभ और सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इस नई लैब के शुरू होने से हृदय रोग विभाग में जांच और उपचार की पूरी प्रक्रिया और अधिक मजबूत व प्रभावी बनेगी।

समारोह में उपस्थित चिकित्सकों ने भी इस अत्याधुनिक लैब की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से न केवल आम हृदय रोगियों को लाभ होगा, बल्कि गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का समय रहते सटीक इलाज संभव हो सकेगा।
