Medical Advance: घाव भरने और कैंसर के बाद की जटिलताओं में गेमचेंजर है HBOT थेरेपी, एपेक्स हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने सीखीं आधुनिक तकनीकें
Varanasi Apex Hospital: एपेक्स हॉस्पिटल में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) पर विशेष सीएमई, जानें कैसे बिना दर्द ठीक होंगे गहरे घाव
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में लगातार हो रहे आधुनिक बदलावों और साक्ष्य-आधारित तकनीकों को काशी के मरीजों तक पहुंचाने के उद्देश्य से वाराणसी के कंचनपुर स्थित एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड पीजीआई द्वारा एक विशेष शैक्षिक सत्र (CME) का आयोजन किया गया। अस्पताल के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की संरक्षता में आयोजित इस सीएमई का मुख्य विषय 'हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT)' रहा, जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए डॉक्टरों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।


इस सत्र का शुभारंभ आईएमएस बीएचयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रदीप जैन, एपेक्स के प्लास्टिक सर्जन डॉ. राजीव कुमार, निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल, डॉ. अंकिता पटेल सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

क्या है हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) और कैसे करती है काम?
सीएमई के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने केस प्रेजेंटेशन और वीडियोज के माध्यम से इस उन्नत चिकित्सा पद्धति की बारीकियों को समझाया। एचबीओटी विशेषज्ञ डॉ. दन्यनेश्वर ठाकुर और क्लीनिकल ओंकोलॉजिस्ट डॉ. गौरव गोस्वामी ने बताया कि इस थेरेपी में मरीज को विशेष रूप से डिजाइन किए गए एक 'प्रेशर चैंबर' में बिठाया या लिटाया जाता है, जहां उन्हें $100\%$ शुद्ध ऑक्सीजन दी जाती है।

मरीजों को होने वाले मुख्य लाभ:
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तेजी से हीलिंग: चैंबर के अंदर बढ़े हुए वायुदाब के कारण शरीर के प्रभावित ऊतकों (Tissues) तक सामान्य से कई गुना अधिक मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है, जिससे क्षतिग्रस्त सेल्स की मरम्मत तेजी से होती है।
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संक्रमण पर नियंत्रण: यह थेरेपी घावों में संक्रमण को फैलने से रोकती है।
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इन बीमारियों में है रामबाण: यह तकनीक मुख्य रूप से डायबिटिक फुट अल्सर (शुगर के कारण होने वाले घाव), न भरने वाले पुराने घाव, रेडिएशन इंजरी, ऑस्टियोमायलाइटिस, कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता, कम्प्रोमाइज्ड ग्राफ्ट व फ्लैप्स और कैंसर के इलाज (कीमो/रेडिएशन) के बाद पैदा होने वाली शारीरिक जटिलताओं को ठीक करने में गेमचेंजर साबित हो रही है।
पेल्विक चेयर थेरेपी: ब्लैडर और बाउल केयर में नई क्रांति
इस शैक्षिक सत्र के दौरान ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्याश्री ने मूत्राशय एवं आंत्र संबंधी (Bladder and Bowel) समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए एपेक्स हॉस्पिटल में उपलब्ध आधुनिक 'पेल्विक चेयर थेरेपी' पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि यह थेरेपी यूरिन लीकेज और पेट से जुड़ी कई समस्याओं के इलाज में एक नई चिकित्सा क्रांति की तरह है, जिसके आधुनिक विकल्प अब एपेक्स में उपलब्ध हैं।
पूर्वांचल के मरीजों को मिल रहीं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं
कार्यक्रम के समापन पर एपेक्स के निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल ने कैंसर रिहैब विशेषज्ञ डॉ. दिबयेन्दु रॉय सहित बाहर से आए सभी अतिथि डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एपेक्स हॉस्पिटल हमेशा से आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पूर्वांचल के मरीजों को किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस महत्वपूर्ण मेडिकल सत्र का सफल संचालन एचबीओटी थेरेपिस्ट स्मृति और संयोजन जीएम अमित रंजन द्वारा किया गया।
