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वाराणसी में पहली बार सफल इन्ट्रायूटेरिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन, गर्भ में ही भ्रूण को चढ़ाया गया रक्त

डॉ. रश्मि सिंह की टीम ने 28 सप्ताह की गर्भवती महिला के भ्रूण को जीवनदान देने वाली दुर्लभ प्रक्रिया को दिया अंजाम

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वाराणसी। पूर्वांचल की चिकित्सा व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब हेल्थ स्कैन डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड, सुंदरपुर में एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ प्रक्रिया — इन्ट्रायूटेरिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन (Intrauterine Blood Transfusion) — को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया।

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डॉ. रश्मि सिंह, निदेशक एवं वरिष्ठ फेटल मेडिसिन विशेषज्ञ (प्रशिक्षित – AIIMS दिल्ली एवं PGIMER चंडीगढ़) की टीम ने यह प्रक्रिया 28 सप्ताह की एक गर्भवती महिला पर की, जिसके भ्रूण को शिविर एनीमिया नामक गंभीर बीमारी थी। इस स्थिति में भ्रूण के शरीर में अत्यधिक पानी भर जाता है, और समय पर इलाज न मिलने पर उसकी जान भी जा सकती है।

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इलाज का एकमात्र उपाय था — भ्रूण को गर्भ में ही रक्त चढ़ाना। इस जोखिम भरी लेकिन जीवनरक्षक प्रक्रिया को अम्बिलिकल वेन के माध्यम से अंजाम दिया गया, जिसमें भ्रूण को सीधे ब्लड ट्रांसफ्यूज़ किया गया।

डॉ. सुपर्णा दास (सीनियर एनेस्थेटिस्ट) समेत विशेषज्ञ टीम ने भी पूरी सजगता से अपनी भूमिका निभाई। प्रक्रिया के बाद भ्रूण का हीमोग्लोबिन स्तर सामान्य हो गया और अब मां और शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

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डॉ. रश्मि सिंह ने कहा, "अब ऐसी जटिल परिस्थितियों में वाराणसी के मरीजों को दिल्ली या मुंबई जाने की आवश्यकता नहीं है। हेल्थ स्कैन में विश्वस्तरीय तकनीक और विशेषज्ञता मौजूद है।"

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