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नींद का बिगड़ा पैटर्न बढ़ा रहा शुगर और हाई बीपी का खतरा, विशेषज्ञों ने बताए आसान बचाव उपाय

विशेषज्ञों ने मधुमेह, हाई बीपी और आपातकालीन जीवनरक्षक कौशल पर दी अहम जानकारी
 

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वाराणसी,भदैनी मिरर| बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में मंगलवार को जनस्वास्थ्य पर विशेष व्याख्यान श्रृंखला के तहत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आईएमएस बीएचयू की ओर से किया गया, जिसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और चिकित्सीय आपात स्थितियों जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

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आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन विभाग के मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक पांडेय ने कहा कि प्रतिदिन छह घंटे से कम और नौ घंटे से अधिक नींद लेना मधुमेह (डायबिटीज) के खतरे को बढ़ा देता है। उन्होंने बताया कि वजन बढ़ना, मोटापा, बढ़ती उम्र और शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं।

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डॉ. पांडेय ने कहा कि मधुमेह के अधिकांश मामले टाइप-2 डायबिटीज के होते हैं, जो मुख्य रूप से जीवनशैली से जुड़े होते हैं। उन्होंने लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अगर सुबह आधा घंटा टहलना संभव न हो, तो दिन में तीन बार दस-दस मिनट की वॉक भी लाभकारी हो सकती है।

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कार्यक्रम में मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. ललित प्रशांत मीना ने उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) को “साइलेंट किलर” बताया। उन्होंने कहा कि भारत में हर तीन में से एक वयस्क इससे प्रभावित है, लेकिन अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी तब होती है, जब गंभीर जटिलताएं सामने आती हैं। उन्होंने बताया कि हाई बीपी बिना लक्षण के धीरे-धीरे हृदय, मस्तिष्क और किडनी को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन समय रहते पहचान होने पर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रो. विक्रम गुप्ता ने “चिकित्सीय आपात स्थितियों में जीवनरक्षक कौशल” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सीपीआर (CPR) की लाइव प्रस्तुति के माध्यम से छाती पर दबाव की सही तकनीक, गति, गहराई और क्रम के बारे में जानकारी दी। साथ ही रेस्क्यू ब्रीदिंग की विधियां भी समझाईं।

प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने बीपी की दवाओं, नमक सेवन, जीवनशैली में बदलाव और आवश्यक स्वास्थ्य जांच से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।

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संगोष्ठी का शुभारंभ बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन फैकल्टी ऑफ मेडिसिन के डीन प्रो. संजय गुप्ता ने किया।

इस दौरान छात्र अधिष्ठाता डॉ. रंजन कुमार सिंह, प्रो. किरण आर. गिरि, डॉ. कविता मीणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।