वाराणसी में हाई-डोज आयोडीन-131 और ल्यूटेशियम-177 थेरेपी की शुरुआत, थायरॉइड व प्रोस्टेट कैंसर मरीजों को नई उम्मीद
Apex Super Speciality Hospital and PGI में AERB मानकों के तहत उन्नत न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा शुरू, पूर्वांचल में किफायती टार्गेटेड कैंसर उपचार को बढ़ावा
वाराणसी। पूर्वांचल में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Apex Super Speciality Hospital and PGI के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में अब हाई-डोज रेडियोएक्टिव आयोडीन एवं ल्यूटेशियम आधारित टार्गेटेड थेरेपी की सुविधा शुरू कर दी गई है। यह सेवा परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (AERB) की मान्यता और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है।


टार्गेटेड तकनीक से सटीक उपचार
एपेक्स की निदेशिका एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता पटेल ने बताया कि यह उपचार टार्गेटेड तकनीक पर आधारित है, जिसमें दवा का प्रभाव मुख्य रूप से कैंसर-ग्रस्त कोशिकाओं पर केंद्रित रहता है, जिससे सामान्य कोशिकाओं को कम नुकसान पहुंचता है। देश में इस स्तर की सुविधा केवल चुनिंदा केंद्रों पर उपलब्ध है।

किन बीमारियों में कारगर है थेरेपी?
न्यूक्लियर मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह सूरज एवं Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (एसजीपीजीआई), लखनऊ के न्यूक्लियर मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. पी.के. प्रधान ने बताया कि:
- आयोडीन-131 थेरेपी थायरॉइड कैंसर, बार-बार होने वाले या फैले हुए थायरॉइड रोग तथा हाइपरथायरॉयडिज्म में प्रभावी है।
- ल्यूटेशियम-177 थेरेपी मेटास्टेटिक प्रोस्टेट कैंसर में उपयोगी है, विशेषकर जब कैंसर शरीर में फैल चुका हो और पारंपरिक दवाओं से नियंत्रित न हो रहा हो। यह कैंसर कोशिकाओं के विशेष रिसेप्टर से जुड़कर अंदर से उन्हें नष्ट करती है।
पूर्वांचल को मिलेगी उन्नत सुविधा

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि Institute of Medical Sciences BHU के प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष (इंटरनल मेडिसिन) पद्मश्री डॉ. एस.एस. अग्रवाल तथा एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से पूर्वांचल क्षेत्र में थायरॉइड और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों को किफायती और अत्याधुनिक उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर आईएमएस बीएचयू के रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के डॉ. आशीष मिश्रा और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. एन.के. अग्रवाल सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद हाई-डोज रेडियोएक्टिव थेरेपी पर एक शैक्षिक वैज्ञानिक सत्र का आयोजन भी किया गया।
कैंसर उपचार को नई दिशा
चिकित्सकों का मानना है कि इस उन्नत न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा से पूर्वांचल में कैंसर उपचार को नई दिशा मिलेगी और मरीजों को महानगरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी।
