दिग्गज तमिल फिल्म निर्देशक भारतीराजा का 84 वर्ष की उम्र में निधन, सिनेमा जगत में शोक की लहर
पुरस्कारों से नवाजा गया सफर और 'R' अक्षर का अनोखा संयोग
चेन्नई: भारतीय और तमिल सिनेमा के इतिहास को अपनी अनूठी कहानियों से बदलने वाले दिग्गज फिल्म निर्देशक भारतीराजा (Bharathiraja) का बुधवार (10 जून 2026) को चेन्नई में निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। सिनेमा जगत में उन्हें सम्मान से 'इयक्कुनर इमयम' (निर्देशकों का शिखर) कहा जाता था। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।


अपनी कड़क और विशिष्ट आवाज में “येन इनिया तमिल मक्खले” (मेरे प्यारे तमिल लोगों) के आत्मीय संबोधन से हर फिल्म की शुरुआत करने वाले भारतीराजा ने तमिल सिनेमा को स्टूडियो के बंद कमरों से निकालकर गांवों की असली और मिट्टी से जुड़ी लोकेशंस पर लाकर खड़ा किया था।
पुरस्कारों से नवाजा गया सफर और 'R' अक्षर का अनोखा संयोग
भारतीराजा भारतीय सिनेमा की एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपनी कला के दम पर 6 नेशनल फिल्म अवार्ड्स, 4 फिल्मफेयर अवार्ड्स (साउथ), 6 तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड्स और एक नंदी अवार्ड अपने नाम किया था।

सिनेमा को नए टैलेंट देने में उनका कोई सानी नहीं था। उनके बारे में एक बेहद दिलचस्प बात यह थी कि वे अपने द्वारा लॉन्च किए गए कलाकारों का नाम बदलकर "R" अक्षर से रख देते थे। उन्होंने इंडस्ट्री को राधिका (Radikaa), रेवती (Revathi), राधा (Radha), रंजीता (Ranjitha) और रेखा (Rekha) जैसी बेहतरीन अभिनेत्रियाँ दीं। इसके अलावा कार्तिक, पांडियन, चंद्रशेखर, नेपोलियन और जनकराclassification जैसे दिग्गज अभिनेताओं को भी उन्होंने ही पहचान दिलाई।

इलियाराजा के साथ गहरी दोस्ती और सेना से सिनेमा का सफर
मूल रूप से थेनी जिले के रहने वाले भारतीराजा (मूल नाम: चिन्नासामी) शुरुआत में एक हेल्थ इंस्पेक्टर के रूप में काम करते थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर संगीतकार इलियाराजा और उनके भाई गंगई अमरन से हुई। सबने मिलकर शुरुआती दिनों में चेन्नई में कड़ा संघर्ष किया और कई स्टेज ड्रामे किए। भारतीराजा कुछ समय के लिए सेना (Army) में भी भर्ती हुए थे, लेकिन बाद में अधिकारियों को मनाकर वे सेवा से मुक्त हो गए और सिनेमा की दुनिया में कदम रखा।
इलियाराजा और भारतीराजा की जोड़ी ने तमिल सिनेमा को एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने दिए। हालांकि, बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए। भारतीराजा ने आगे चलकर संगीतकार देवेंद्रन और ए.आर. रहमान (फिल्म 'किझक्कू सीमयिले') के साथ भी शानदार काम किया।
इन कालजयी फिल्मों से अमर रहेगी भारतीराजा की विरासत
भारतीराजा ने अपनी फिल्मों के जरिए समाज के हर पहलू को पर्दे पर उतारा:
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16 वयथिनिले (16 Vayathinile): श्रीदेवी, कमल हासन और रजनीकांत स्टारर इस डेब्यू फिल्म ने तमिल सिनेमा के मायने बदल दिए। ग्रामीण जीवन के यथार्थ और इंसानी लालच व मासूमियत को इस फिल्म में बखूबी दिखाया गया। इसका संगीत कल्ट साबित हुआ।
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किझक्के पोगुम रेल (Kizhakke Pogum Rail): इस फिल्म के जरिए उन्होंने समाज में जातिगत उत्पीड़न और महिलाओं के साथ होने वाले दोयम दर्जे के व्यवहार को बिना किसी लाउड मैसेजिंग के बेहद संजीदगी से दिखाया। इसी फिल्म से राधिका ने डेब्यू किया था।
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सिगप्पू रोजाक्कल (Sigappu Rojakkal): ग्रामीण परिवेश से अलग हटकर भारतीराजा ने कमल हासन के साथ एक साइकोपैथिक सीरियल किलर पर यह थ्रिलर फिल्म बनाई, जो उस दौर के हिसाब से बेहद साहसिक कदम था।
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वेदम पुथिथू और अलैगल ओइवथिल्लई: इन फिल्मों के माध्यम से उन्होंने तमिल समाज के गहरे जातिगत ढांचे, ब्राह्मणवादी वर्चस्व और अंतर-जातीय व अंतर-धार्मिक प्रेम के मुद्दों पर तीखा प्रहार किया।
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मुथल मरियाथई (Muthal Mariyathai): महान अभिनेता शिवाजी गणेशन को एक नए अंदाज में पेश करते हुए उन्होंने इस फिल्म का निर्माण किया, जो रूसी लेखक फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की की प्रेम कहानी से प्रेरित थी।
एक्टिंग और सामाजिक सरोकारों में भी रहे आगे
निर्देशन के अलावा भारतीराजा एक बेहतरीन अभिनेता भी थे। उन्होंने फिल्म 'कल्लुक्कुल ईरम' में मुख्य भूमिका निभाई और हाल ही में धनुष की सुपरहिट फिल्म 'तिरुचित्रम्बलम' में भी अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता। वह सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर रहते थे और कावेरी प्रबंधन बोर्ड (CMB) के गठन की मांग को लेकर फिल्म बिरादरी को एकजुट करने और विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल रहे थे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: भारतीराजा के बेटे मनोज (जिन्हें उन्होंने फिल्म 'ताजमहल' से लॉन्च किया था) का पहले ही दुखद निधन हो चुका है। दिग्गज निर्देशक अपने पीछे अपनी पत्नी और बेटी जननी को छोड़ गए हैं। भदैनी मिरर परिवार सिनेमा के इस महानायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
