जस्टिस मार्कण्डेय काट्जू के व्यंग्य पर भड़कीं नेहा सिंह राठौर? फोन कॉल के बाद सोशल मीडिया पर फिर छिड़ी बहस
पूर्व न्यायाधीश काट्जू ने कहा-नेहा ने कविता पर सफाई मांगी, ट्रोलिंग से परेशान; व्यंग्यात्मक बातचीत के बाद दोनों के बीच बढ़ी तकरार
नई दिल्ली। लोकप्रिय लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काट्जू के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब और तेज हो गया है। पहले काट्जू ने नेहा पर एक व्यंग्यात्मक कविता लिखी थी, जिसके बाद नेहा को बड़ी संख्या में ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। अब काट्जू ने फेसबुक पर दो और पोस्ट कर नेहा के साथ अपनी हाल की बातचीत का दावा किया है, जिससे मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।



“कविता से ट्रोल हो रही हूँ”-नेहा का दावा, काट्जू का व्यंग्यात्मक जवाब
मार्कण्डेय काट्जू ने अपनी पहली पोस्ट में लिखा कि उन्होंने नेहा सिंह राठौर को व्हाट्सऐप कॉल किया।
नेहा ने उनसे कथित रूप से कहा कि- “आपकी कविता के बाद बहुत लोग मुझे ट्रोल कर रहे हैं, कृपया कह दीजिए कि यह व्यंग्य था।”
काट्जू के अनुसार उन्होंने नेहा से कहा कि वह ज़ूम लिंक भेज दें ताकि वह सार्वजनिक रूप से इसे व्यंग्य बता सकें, मगर लिंक नहीं आया।

इसी पोस्ट में काट्जू ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि उन्होंने नेहा से मज़ाक में कहा- “जब तुम जेल में होगी, मैं रोज़ तुम्हारे लिए बिरियानी, टोस्ट, अंडा, मुर्गी, मछली, कचौरी, जलेबी, इमरती लेकर आऊंगा।”
काट्जू ने दावा किया कि यह सुनकर नेहा नाराज़ हो गईं और फोन रिसीव करना बंद कर दिया।

काट्जू का दूसरा पोस्ट-जेल, बिरियानी और शाकाहार पर तंज
कुछ ही देर बाद काट्जू ने दूसरा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि नेहा ने उन्हें दोबारा कॉल किया।
इस बातचीत को काट्जू ने इस तरह बयान किया-
* उन्होंने पूछा: “क्या तुम जेल में हो?”
* नेहा ने कहा: “नहीं।”
* काट्जू ने मज़ाक में कहा: “भेज दूँ?”
इस पर नेहा हंस पड़ी और बोली-
“क्या आप मुझे जेल में भेजना चाहते हैं?”
काट्जू के अनुसार उन्होंने जवाब दिया कि वे नेहा को जेल में इसलिए देखना चाहते हैं ताकि “बिरियानी, मुर्गा, मछली, अंडा, इमरती, जलेबी” भेज सकें।
जब नेहा ने कहा कि वह शाकाहारी हैं, तो काट्जू ने एक और व्यंग्य किया-
“तुम कैसी क्षत्राणी हो जो शाकाहारी हो? राजपूत महिलाएँ तो जौहर कर लेती थीं…”
उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने नेहा को बताया कि उन्होंने एक और लेख लिखा है जिसमें कहा है-
“हर इंसान को अपनी सीमा समझनी चाहिए।”
ट्रोलिंग और छवि को लेकर चिंतित नेहा, दावा काट्जू का
काट्जू के अनुसार नेहा ने शिकायत की कि लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं और यह कहा जा रहा है कि वह “कान पकड़कर उठक-बैठक कर रही हैं और हनुमान चालीसा पढ़ रही हैं ताकि पुलिस (भूत-पिशाच) दूर रहे।”
हालांकि काट्जू ने यह भी लिखा कि उन्होंने नेहा की तारीफ करते हुए कहा- “तुम दुर्गादास राठौड़ की वंशज हो, बहादुर और ईमानदार हो।”
विवाद में हर बार सुर्खियों में रहती हैं नेहा
नेहा सिंह राठौर सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपने व्यंग्य गीतों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। कई बार वह सरकारी एजेंसियों के नोटिस, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना कर चुकी हैं।
काट्जू और नेहा का यह नोकझोंक भरा प्रकरण भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कौन सी कविता को लेकर हो रही है बात
फेसबुक पर काट्जू ने ये कविता लिखी थी जिसमें उन्होंने नेहा सिंह राठौर पर व्यंग्य करते हुए उनके ही अंदाज में कविता लिखी थी। यहां पढ़ें कविता:
नेहा सिंह राठौड़ का हाल का बा ?
नेहा सिंह राठौड़ दुर्गादास राठौड़ की वंशज बा
बहुत बहादुर ईमानदार महिला बा
का बा बहुत अच्छा गावत बा
एह से बहुत मशहूर होए गयी बा
बहुत पैसा कमाए बा
पर हर मनई का अपनी सीमा जाने चाही
बब्बर शेर के ललकारा नाही चाही
ई बात नेहा भूल गयी
अब राजद्रोह का मुक़दमा ओपर चलत बा
पुलिस नेहा के हेरत बा
सुप्रीम कोर्ट दख़ल करे से इनकार करे बा
ओकर सिट्टी पिट्टी गुम होए गवा बा
जेल जाए से बहुत डरत बा
अब चुप लगाकर बैठी बा
कान पकड़ कर उट्ठक बैठक करत बा
आगे हम अइसन कबहुँ न करब बोलत बा
हनुमान चालीसा पढ़त बा
भूत पिशाच निकट नहीं आवें महाबीर जब नाम सुनावें गावत बा
मेरी नैया के राम खिवैया गावत बा
ई गान गावत बा
सगर अंधेर और अँधेरा बा
सब भगवान भरोसे बा
हरि ॐ
