कमल हासन की फिल्म 'KH 237' के टैगलाइन पर छिड़ा विवाद: निर्देशक लेनिन भारती ने उठाए सवाल
'मेर्कू थोरछी मलाई' के निर्देशक लेनिन भारती ने फिल्म के 'रिवेंज इन ब्लड' वाले पोस्टर पर जताई आपत्ति; कहा- जिम्मेदार कलाकारों से ऐसी उम्मीद नहीं।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क, एंटरटेनमेंट डेस्क: साउथ के सुपरस्टार कमल हासन की आगामी फिल्म 'KH 237' अपनी घोषणा के बाद से ही सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म को लेकर दर्शकों में जहां जबरदस्त उत्साह है, वहीं इसके प्रमोशनल टैगलाइन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। 'सेतुपति' और 'चिट्ठा' जैसी बेहतरीन फिल्में बनाने वाले निर्देशक सु अरुण कुमार इस प्रोजेक्ट का निर्देशन कर रहे हैं, लेकिन फिल्म के एक पोस्टर और उसके कैप्शन ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

'रिवेंज इन ब्लड' टैगलाइन पर भड़के लेनिन भारती
फिल्म 'KH 237' के निर्माताओं ने इसकी घोषणा करते हुए एक कैप्शन जारी किया था, जिसमें लिखा था— "रिवेंज कैन ओनली बी सेटल्ड इन ब्लड" (Revenge can only be settled in blood)। इस हिंसा से जुड़े टैगलाइन पर 'मेर्कू थोरछी मलाई' फेम निर्देशक लेनिन भारती ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के हिंसक संदेशों का समाज और खास तौर पर युवाओं के मन पर बहुत गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
युवाओं पर सिनेमा के प्रभाव की बात
लेनिन भारती ने अपने बयान में कहा कि हीरो-सेंट्रिक फिल्मों का प्रभाव पहले ही समाज के युवाओं में एक परेशान करने वाला माहौल पैदा कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बात कमल हासन जैसे दिग्गज अभिनेता की हो, जो राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भी एक बड़ी जिम्मेदारी रखते हैं, तो ऐसे में इस प्रकार के हिंसक प्रचार संदेशों से बचना चाहिए। उन्होंने फिल्ममेकर्स की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि फिल्मों के प्रमोशन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि समाज में किस तरह का संदेश जा रहा है।
सु अरुण कुमार और कमल हासन का सहयोग
गौरतलब है कि सु अरुण कुमार अपनी भावनात्मक और यथार्थवादी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में कमल हासन के साथ उनका यह सहयोग काफी दिलचस्प माना जा रहा था। हालांकि, फिल्म के फ्लोर पर आने से पहले ही इसके प्रमोशनल हथकंडों और टैगलाइन को लेकर छिड़ी इस बहस ने फिल्म को लेकर चर्चाओं का बाजार और गर्म कर दिया है।
