World Hindi Day 2026: 10 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस? जानिए इसका इतिहास, महत्व और 14 सितंबर से अंतर
1975 में नागपुर में हुए पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की याद में चुनी गई 10 जनवरी की तारीख, 2006 में डॉ. मनमोहन सिंह ने की थी आधिकारिक घोषणा
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली | हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है, लेकिन जब कैलेंडर में 10 जनवरी आता है, तो कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर हिंदी दिवस दो बार क्यों मनाया जाता है? क्या 14 सितंबर और 10 जनवरी एक ही दिन हैं या दोनों का मकसद अलग-अलग है?



दरअसल, 10 जनवरी को मनाया जाने वाला विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day 2026) हिंदी भाषा के वैश्विक स्वरूप और अंतरराष्ट्रीय पहचान से जुड़ा हुआ है। यह तारीख सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि हिंदी के विश्व मंच पर स्थापित होने का प्रतीक है।
10 जनवरी 1975: हिंदी के इतिहास का स्वर्णिम दिन

10 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था। यह हिंदी भाषा के इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण था।
इस सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। इसमें दुनिया के 30 देशों से आए 122 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। उद्देश्य साफ था—हिंदी को भारत की सीमाओं से बाहर वैश्विक पहचान दिलाना।
यह पहला मौका था जब हिंदी को एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में गंभीरता से प्रस्तुत किया गया।

कब हुई विश्व हिंदी दिवस की आधिकारिक घोषणा?
हालांकि पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 1975 में हुआ था, लेकिन इसे हर साल मनाने की औपचारिक शुरुआत साल 2006 में हुई।
तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि हर वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य था—
- दुनिया भर में हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना
- हिंदी को वैश्विक संवाद की भाषा के रूप में स्थापित करना
तभी से यह दिवस भारतीय दूतावासों, विदेशों में बसे भारतीय समुदायों और हिंदी प्रेमियों द्वारा पूरी दुनिया में मनाया जाता है।
14 सितंबर और 10 जनवरी में क्या है अंतर?
अक्सर लोग राष्ट्रीय हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है—
14 सितंबर (राष्ट्रीय हिंदी दिवस):
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की **राजभाषा** के रूप में स्वीकार किया था। यह दिवस मुख्य रूप से भारत के अंदर मनाया जाता है।
10 जनवरी (विश्व हिंदी दिवस):
इसका मकसद हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना और वैश्विक मंच पर इसकी भूमिका को मजबूत करना है।
आज के दौर में हिंदी का वैश्विक महत्व
आज हिंदी दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। सोशल मीडिया, यूट्यूब, ओटीटी प्लेटफॉर्म और इंटरनेट पर हिंदी कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है।
विश्व हिंदी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और आत्मसम्मान है। इसे अपनाना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
