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वाराणसी: दो प्रमुख महिला डिग्री कॉलेजों के बीच हुआ समझौता, छात्राओं को मिलेंगे रिसर्च और इंटर्नशिप के नए मौके

वसंता कॉलेज फॉर वुमेन (राजघाट) और आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय (डोमरी) के बीच MOU पर हस्ताक्षर; NEP 2020 के तहत कोलाबोरेटिव लर्निंग को मिलेगा बढ़ावा।

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वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): शिक्षा और अनुसंधान (रिसर्च) के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से वाराणसी के दो प्रतिष्ठित महिला शिक्षण संस्थानों ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार (9 जून 2026) को वसंता कॉलेज फॉर वुमेन (राजघाट फोर्ट) और आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय (डोमरी, रामनगर) के मध्य एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।

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इस महत्वपूर्ण समझौते पर वसंता कॉलेज की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह एवं आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा ने आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए।

MOU के 4 प्रमुख बिंदु: छात्राओं और स्टाफ को कैसे मिलेगा फायदा?

दोनों संस्थानों के बीच हुए इस समझौते के तहत भविष्य में कई बड़े शैक्षणिक बदलाव देखने को मिलेंगे, जो मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं:

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  1. सूचनाओं का आदान-प्रदान: दोनों संस्थाएं शिक्षण एवं शोध (Research) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों और सूचनाओं को आपस में साझा करेंगी।

  2. संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट्स: संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं एवं पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से सरकारी वित्त पोषित (Government-funded) प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहेगा।

  3. सांस्कृतिक और शैक्षणिक भ्रमण: छात्राओं के बौद्धिक विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं स्टडी टूर (अध्ययन भ्रमण) का संयुक्त रूप से आयोजन किया जाएगा।

  4. स्टाफ ट्रेनिंग: दोनों कॉलेजों के प्रशासनिक एवं तकनीकी स्टाफ के कौशल को निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

"यह MOU दोनों संस्थानों के बौद्धिक जीवन और सांस्कृतिक विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में बेहद सहायक सिद्ध होगा।" – प्रो. अलका सिंह, प्राचार्या, वसंता कॉलेज फॉर वुमेन

"नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत 'कोलेबोरेटिव लर्निंग' (सहयोगात्मक शिक्षा) को बढ़ावा देने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। इससे हमारी छात्राओं को व्यापक शैक्षणिक लाभ मिलेगा।" – प्रो. राम नरेश शर्मा, प्राचार्य, आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय

छात्राओं को मिलेंगे इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट के नए मौके

इस अवसर पर आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह दूरगामी समझौता छात्राओं को अनुसंधान, इंटर्नशिप और कौशल विकास (Skill Development) के नए और बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

अंग वस्त्र और पौधा देकर हुआ स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने मुख्य अतिथि वसंता कॉलेज की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह को अंग वस्त्र तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता हुआ एक पौधा भेंट कर उनका भव्य सम्मान किया। इसके बाद डॉ. सूर्य प्रकाश वर्मा ने इस MOU के मुख्य उद्देश्यों और इससे भविष्य में होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

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इन दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति:

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. लक्ष्मी ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार दुबे द्वारा दिया गया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर दोनों संस्थानों के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वसंता कॉलेज की ओर से हनुमान प्रसाद गुप्ता और मनीष तिवारी मौजूद रहे। वहीं, आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय से डॉ. प्रतिमा राय, दीपक कुमार गुप्ता, अल्पा चतुर्वेदी, डॉ. सोफिया खानम, वैशाली पाण्डेय, अंजली विश्वकर्मा, मुकेश गुप्ता, अनामिका तिवारी और शिव प्रकाश यादव सहित भारी संख्या में शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।