वाराणसी: डोमरी महिला महाविद्यालय में मनाई गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती
आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन; समाज और राष्ट्र उत्थान में पंडित जी के विचारों को बताया प्रासंगिक।
रामनगर/वाराणसी (भदैनी मिरर): रामनगर (डोमरी) स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के संस्थापक आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी और विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करके की गई।

'अंत्योदय और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देते हैं पंडित जी के विचार'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की चीफ मैनेजिंग ऑफिसर (CMO) श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एक महान चिंतक, प्रखर राष्ट्रवादी और एकात्म मानव दर्शन के स्तंभ थे। उनके विचार आज के दौर में भी भारतीय राजनीति और सामाजिक व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने (अंत्योदय) और राष्ट्र सेवा में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।

सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण
वहीं डॉ. प्रतिमा राय ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पंडित जी का पूरा जीवन त्याग, सादगी और राष्ट्र के प्रति निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। छात्राओं को उनके बताए मूल्यों का अनुसरण करते हुए समाज के उत्थान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्राएं— पल्लवी राजपूत, शगुन यादव, प्रीति यादव और मनीषा ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के व्यक्तित्व और उनके योगदान पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन
जयंती समारोह का कुशल संचालन डॉ. लक्ष्मी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सुश्री अंजली विश्वकर्मा ने उपस्थित अतिथियों, प्रवक्ताओं और छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस मौके पर महाविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।

