पेपर लीक के झटके के बाद कड़े पहरे में संपन्न हुई NEET-UG री-परीक्षा
देश-विदेश के 5454 केंद्रों पर भारी सुरक्षा के बीच परीक्षा आयोजित, कोलकाता में बारिश तो भोपाल में एक्सीडेंट से छूटा पेपर, पीएम मोदी ने भी परीक्षार्थियों के लिए रोका अपना काफिला।
नई दिल्ली/वाराणसी (भदैनी मिरर): मई महीने में हुए पेपर लीक विवाद और भारी हंगामे के बाद, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की पुनः परीक्षा रविवार (21 जून 2026) को देश और विदेश के हजारों केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस री-टेस्ट में करीब 22 लाख से अधिक चिकित्सा अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने संभाली कमान, कंट्रोल रूम से की मॉनिटरिंग
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद दिल्ली के ओखला स्थित एनटीए (NTA) मुख्यालय पहुंचकर परीक्षा के सफल संचालन की समीक्षा की। इस बार परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था। वहीं, दिव्यांग (PwD) छात्रों को शाम 6:20 बजे तक का समय मिला।

सुरक्षा के डिजिटल इंतजाम: 51 हजार जैमर और सीसीटीवी की पैनी नजर
इस बार इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ियों और नकल को रोकने के लिए NTA ने सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया था कि परिंदा भी पर न मार सके।
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सीसीटीवी कैमरे: देश भर के 95,000 से अधिक परीक्षा कमरों में कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जा रही थी।
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जैमर तकनीक: किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को निष्क्रिय करने के लिए केंद्रों पर 51,311 जैमर लगाए गए थे। इसके अलावा सख्त बायोमेट्रिक जांच के बाद ही छात्रों को प्रवेश मिला।
वीआईपी कल्चर पर भारी पड़े छात्र: पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर किया इंतजार
नीट परीक्षा देने जा रहे छात्रों को दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक पाबंदियों के कारण कोई असुविधा न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। कोलकाता से दोपहर करीब 1:00 बजे दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पहुंचे पीएम मोदी ने अपने काफिले के कारण लगने वाले ट्रैफिक प्रतिबंधों को टालने के लिए एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया और परीक्षा शुरू होने के बाद ही अपने आवास लोक कल्याण मार्ग के लिए रवाना हुए।

कहीं बारिश का सितम, कहीं हादसे ने बिगाड़ा खेल
देशभर से परीक्षा के दौरान कई भावुक और चुनौतीपूर्ण तस्वीरें भी सामने आईं:
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कोलकाता: यहां भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे छात्रों को सेंटर पहुंचने में काफी दिक्कतें हुईं। यहीं एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल छात्रा सृष्टि दुबे के लिए विशेष कमरे, मेडिकल सपोर्ट and स्टैंडबाय एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई, जिसके लिए शिक्षा मंत्री ने खुद परिजनों से बात की।
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भोपाल: भोपाल में एक छात्र अपने चाचा के साथ सेंटर आ रहा था, लेकिन रास्ते में एक्सीडेंट होने और फर्स्ट एड लेने के कारण वह थोड़ा लेट हो गया, जिसके चलते अधिकारियों ने उसे सख्त नियमों का हवाला देते हुए एंट्री देने से इनकार कर दिया।
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अजमेर (राजस्थान): अजमेर में कुलसुम बानो नाम की एक बुर्काधारी छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे पहले बुर्का हटाने को कहा गया, जिससे उसने परीक्षा छोड़ने की बात कही। हालांकि, बाद में एनटीए ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई थी।
छात्रों का फूटा दर्द: "पहले ऐसी सुरक्षा होती तो परेशानी न झेलनी पड़ती"
दिल्ली के परीक्षा केंद्र से बाहर निकले परीक्षार्थी किशन और सोनिया ने कहा कि इस बार की सुरक्षा पिछली बार की तुलना में बहुत ज्यादा सख्त थी। छात्रों का कहना था कि पिछले डेढ़ महीने से वे भारी मानसिक तनाव और दबाव में थे। यदि ऐसी सख्त सुरक्षा और जैमर की व्यवस्था पहली बार में ही कर दी गई होती, तो पेपर लीक ही नहीं होता और लाखों छात्रों का भविष्य अधर में नहीं लटकता।
