NEET UG 2026 अनिवार्य: बीपीटी-बीओटी में प्रवेश अब NTA परीक्षा से, NCAHP ने जारी किया सर्कुलर
सत्र 2026-27 से फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी स्नातक पाठ्यक्रमों में NEET अनिवार्य; ABVMU की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे दिशा-निर्देश
वाराणसी। फिजियोथेरेपी (BPT) और ऑक्यूपेशनल थेरेपी (BOT) स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है।


NEET के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश
नए दिशा-निर्देशों के तहत केवल वही अभ्यर्थी बीपीटी और बीओटी कोर्स में प्रवेश के पात्र होंगे, जिन्होंने NEET (UG) 2026 परीक्षा दी होगी। इस निर्णय का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और राष्ट्रीय स्तर पर एकरूप बनाना है।

ABVMU वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी
बीपीटी पाठ्यक्रम में प्रवेश की विस्तृत प्रक्रिया और दिशा-निर्देश संबद्ध विश्वविद्यालय Atal Bihari Vajpayee Medical University की आधिकारिक वेबसाइट www.abvmuup.edu.in पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें।

संस्थान के नाम में भी होगा बदलाव
NCAHP की गाइडलाइंस के अनुसार भविष्य में संस्थानों के नाम में भी परिवर्तन किया जाएगा। इसी क्रम में एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी का नाम बदलकर “एपेक्स इंस्टिट्यूट ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर” किए जाने की प्रक्रिया संबंधित प्राधिकृत संस्थाओं के साथ प्रगति पर है।
चेयरमैन ने बताया उद्देश्य
एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा के व्यापक दायरे को समाहित करना और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की पहचान को और मजबूत बनाना है। नई व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया में गुणवत्ता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय स्तर की समानता सुनिश्चित होगी।
