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बिहार के सरकारी शिक्षकों को मिलेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बिहार में शिक्षकों को गूगल इंडिया की मदद से AI की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे गणित और अंग्रेजी जैसे कठिन विषय खेल-खेल में और अधिक सरल तरीके से पढ़ाए जा सकेंगे।

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बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और पढ़ाने के अंदाज को बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब राज्य के सरकारी शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। गूगल इंडिया के रिसोर्स पर्सन बिहार के प्रत्येक जिले में कुछ चुनिंदा शिक्षकों को यह प्रशिक्षण देंगे, जो आगे चलकर 'मास्टर ट्रेनर' के रूप में अन्य शिक्षकों को इस आधुनिक तकनीक में दक्ष बनाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षकों के लिए प्रति वर्ष 50 घंटे का व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत यह पहल शुरू की गई है।

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क्रिकेट और कविताओं के जरिए आसान होगी पढ़ाई

पारंपरिक तौर पर कई छात्र गणित और अन्य विषयों को कठिन मानते हैं, लेकिन AI के आने से शिक्षण प्रक्रिया बेहद रोचक हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि गणित में 'भिन्न' (Fraction) का पाठ पढ़ाना है, तो AI टूल क्रिकेट का सहारा ले सकता है। जैसे एक ओवर में 6 गेंदें होती हैं—पहली गेंद पर 1/6 और दूसरी गेंद पर 2/6 (यानी 1/3 ओवर) होना, या लाइव मैच में 8.3 ओवर को 'साढ़े आठ ओवर' के रूप में समझाना, इसे बेहद आसान बना देता है।

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इसी तरह अंग्रेजी की कक्षाओं में रॉबर्ट फ्रॉस्ट की कविता 'फायर एंड आइस' (Fire and Ice) पढ़ाते समय यदि छात्रों का ध्यान भटके, तो शिक्षक AI इमेज जेनरेटर की मदद से कुछ ही सेकंड में वैसी जीवंत तस्वीर (आधी दुनिया जलती हुई और आधी बर्फ से ढकी) स्क्रीन पर ला सकते हैं। इससे बच्चे विजुअलाइज करके कविता को आसानी से समझ सकेंगे।

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शिक्षकों के लिए कैसे वरदान साबित होगा AI?

  • लेसन प्लान और प्रश्न पत्र: शिक्षकों को अब पाठ योजना तैयार करने या परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र और टेस्ट वर्कशीट बनाने में घंटों माथापच्ची नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि AI प्रॉम्प्ट के जरिए यह काम मिनटों में हो जाएगा।

  • सरल भाषा: कई बार किताबों की कठिन भाषा बच्चों की समझ से परे होती है। AI शिक्षकों को उस कंटेंट को बच्चों की सरल भाषा में ढालने में मदद करेगा।

  • कमजोर बच्चों के लिए मददगार: कक्षा में पढ़ाई में कमजोर रहने वाले बच्चों के लिए AI आधारित शिक्षण तकनीकें खासी कारगर साबित होंगी और उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि जगाएंगी।