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SMS Varanasi में AI पर 7 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू, एक्सपर्ट्स सिखाएंगे प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के गुर

स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS) वाराणसी में 'अकादमिक क्षेत्र में AI का उपयोग' विषय पर FDP का शुभारंभ

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वाराणसी। उच्च शिक्षा में तकनीक के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS), वाराणसी में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्थान में गुरुवार से 'अकादमिक क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग' विषय पर सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शानदार शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक एआई टूल्स से लैस कर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

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एआई शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, उनकी ताकत बढ़ाएगा: तनवीर सिंह

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आईआईटी मुंबई (साइन - एडुपिरामिड्स, स्पोकन ट्यूटोरियल्स) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर और एआई विशेषज्ञ तनवीर सिंह ने शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा:

"आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को न तो नकारा जा सकता है और न ही इससे दूरी बनाई जा सकती है। एआई का असली उद्देश्य शिक्षकों को रिप्लेस करना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और उत्पादकता (Productivity) को बढ़ाना है। यदि इसका उपयोग ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के साथ किया जाए, तो यह शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।"

उन्होंने सभी शिक्षक-प्रतिभागियों से अपील की कि वे एआई का जिम्मेदारी के साथ प्रयोग करें ताकि इसका अधिकतम लाभ समाज और शिक्षा जगत को मिल सके।

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समय के साथ खुद को अपडेट रखना जरूरी: प्रो. पी.एन. झा

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसएमएस वाराणसी के निदेशक प्रो. पी.एन. झा ने कहा कि उच्च शिक्षा में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच शिक्षकों का स्वयं को निरंतर अपडेट रखना समय की मांग है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध (Research) एवं नवाचार को नई दिशा देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका मील का पत्थर साबित होगी।

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7 दिनों तक चलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training)

फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संयोजक प्रो. अमिताभ पाण्डेय ने बताया कि इस सात दिवसीय ट्रेनिंग में शिक्षकों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से इन विषयों को कवर किया जाएगा:

  • अत्याधुनिक एआई टूल्स (Modern AI Tools)

  • रिस्पॉन्सिबल एआई (Responsible AI)

  • प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering)

  • शोध एवं प्रकाशन (Research & Publication)

  • मूल्यांकन प्रणाली (Evaluation System)

देशभर के दिग्गज विशेषज्ञ देंगे ट्रेनिंग

इस FDP के आगामी तकनीकी सत्रों में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ व्याख्यान और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देंगे। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • डॉ. कपिल (MNNIT, प्रयागराज)

  • प्रो. धवल मेहता (वीर नर्मद साउथ गुजरात विश्वविद्यालय, सूरत)

  • डॉ. के.एस. सौमिया रानी (एआई रिसर्च टूल्स विशेषज्ञ, एडिटेज, कोयंबटूर)

  • प्रो. अविनाश चंद्र सुपकार एवं प्रो. पल्लवी पाठक (SMS वाराणसी)

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. श्रीप्रिया रॉय चौधरी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. पल्लवी पाठक ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्थान के कुलसचिव संजय गुप्ता, प्रो. कमलशील मिश्रा सहित एसएमएस वाराणसी के सभी शिक्षक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।