आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में 6 दिवसीय टीचर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू
वाराणसी में अध्यापकों के शोध कौशल को निखारने के लिए विशेष कार्यशाला का आगाज
वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय (डोमरी, रामनगर) में रविवार से अध्यापकों के शैक्षणिक व अनुसंधान कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छह दिवसीय 'टीचर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिवस का मुख्य विषय “शोध-पत्र विकास एवं इम्प्लीमेंटेशन” रखा गया।


गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए व्यवस्थित अध्ययन आवश्यक: प्रो. मीनाक्षी सिंह
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (कमच्छा परिसर) के शिक्षा संकाय की वरिष्ठ आचार्या प्रो. मीनाक्षी सिंह उपस्थित रहीं। शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. सिंह ने शोध-पत्र लेखन और उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन की बारीकियों को विस्तार से समझाया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बेहतर रिसर्च पेपर तैयार करने के लिए विषयानुक्रम, प्रासंगिक प्रोजेक्ट चयन और व्यवस्थित अध्ययन बेहद जरूरी हैं। प्रो. मीनाक्षी ने शोध कार्य को समाज उपयोगी बनाने के लिए नवीन दृष्टिकोण, सटीक आंकड़ों के विश्लेषण और प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर विशेष जोर दिया।

नवाचार और अनुसंधान से ही संभव है शैक्षणिक विकास: प्रो. कल्पलता पाण्डेय
समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों को भी अपने शोध कौशल को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। इस प्रकार के ओरिएंटेशन प्रोग्राम अध्यापकों में नई ऊर्जा भरने के साथ-साथ नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होते हैं।
सत्र के दौरान निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने मुख्य वक्ता प्रो. मीनाक्षी सिंह को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
संस्थान के शिक्षकों की रही उत्साहजनक उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन व अतिथियों का स्वागत डॉ. लक्ष्मी ने किया, जबकि सत्र के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
