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सत्य निकेतन पीजी हादसा: CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, घायलों को 5 लाख मुआवजा; MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक पांच मंजिला इमारत हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घायलों के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है, जबकि लापरवाही बरतने वाले MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

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दिल्ली
 सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पांच मंजिला इमारत के भरभराकर गिरने की घटना ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में पांच छात्रों समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AIIMS के ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक घायल को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

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MCD पर कड़ी कार्रवाई और अवैध इमारतों पर एक्शन

हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम (MCD) के दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार और चार अन्य इंजीनियरों (अधीक्षण अभियंता रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार) को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि शहर के सभी पांच मंजिला या उससे अधिक ऊंचाई वाले अवैध ढांचों को सील किया जाए और आसपास की इमारतों की सुरक्षा की कड़ी जांच की जाए। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, और बेसमेंट में मरम्मत का काम कराने वाले ठेकेदार की तलाश जारी है।

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दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और छात्रों की चिंताएं

इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा कि अपनी जिंदगी की शुरुआत करने वाले युवा इस हादसे का शिकार हुए हैं, और अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी ही होगी। कोर्ट ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देने के साथ-साथ सभी पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा जांच के भी निर्देश दिए हैं।

दूसरी ओर, सरकार द्वारा सभी अवैध और ऊंची इमारतों को सील करने के फैसले के बाद सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में रहने वाले छात्रों के सामने रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। छात्रों का कहना है कि उन्हें दूर नए ठिकाने तलाशने होंगे और किराए का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा, साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि सील होने की स्थिति में उनका सिक्योरिटी डिपॉजिट उन्हें वापस दिलाया जाए।