वायुसेना में नारी शक्ति का ऐतिहासिक परचम! शक्ति शर्मा बनीं पहली नॉन-मेडिकल महिला 'एयर वाइस मार्शल'
1 सितंबर 2026 को शक्ति शर्मा ने असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन) का पदभार संभाला; 32 साल के करियर में रचा ऐतिहासिक कीर्तिमान।
नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा भारतीय रक्षाबलों में टू-स्टार रैंक (Two-Star Rank) हासिल करने वाली पहली गैर-चिकित्सीय (नॉन-मेडिकल) महिला अधिकारी बन गई हैं।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शक्ति शर्मा ने 1 सितंबर 2026 को वायुसेना मुख्यालय (Air HQ) में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन) के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है। यह उपलब्धि भारतीय रक्षाबलों में महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण का एक प्रमुख प्रतीक है।


32 साल का निष्ठावान और गौरवशाली करियर
शक्ति शर्मा 18 जून 1994 को भारतीय वायु सेना की शिक्षा शाखा (Education Branch) में कमीशन हुई थीं। अपने 32 से अधिक वर्षों के सेवा काल के दौरान उन्होंने कई कमान मुख्यालयों, फील्ड स्टेशनों, प्रशिक्षण केंद्रों और एयर मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक संभाला है।

अकादमिक और रणनीतिक क्षेत्र में बड़ा योगदान
अपने करियर में शक्ति शर्मा ने न केवल शैक्षणिक बल्कि रणनीतिक रक्षा सहयोग को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:
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चेयर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना: उन्होंने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) और पुणे विश्वविद्यालय में भारतीय वायु सेना की 'चेयर ऑफ एक्सीलेंस' (Chair of Excellence) की स्थापना में मुख्य योगदान दिया।
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सैनिक स्कूल में नेतृत्व: इससे पहले कपूरथला सैनिक स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में सेवा देते हुए उन्होंने तीनों सेनाओं की पहली महिला अधिकारी के रूप में इतिहास रचा था।
प्रेरणा स्रोत बनीं शक्ति शर्मा
एयर वाइस मार्शल के पद तक शक्ति शर्मा का पहुंचना देश की उन सभी बेटियों के लिए एक महान प्रेरणा है जो भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा का सपना देखती हैं। उनका यह सफर यह साबित करता है कि प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता के बल पर महिलाएं भारतीय वायुसेना में गगनचुंबी ऊंचाइयों को हासिल कर रही हैं।


