Flydubai 1073 Case: कॉकपिट में कुल्हाड़ी और 3 देशों की चूक! ओमान, UAE और इजरायल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
ओमान ने कट्टरपंथ के चलते जिसे उड़ान से हटाया, वही पायलट दुबई-तेल अवीव रूट पर फ्लाईदुबई का प्लेन उड़ाता रहा; जानिए कैसे एक के बाद एक सुरक्षा की तीन बड़ी परतें टूटीं।
भदैनी मिरर न्यूज़ डेस्क: फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 (Flydubai Flight 1073) में कॉकपिट के अंदर घटी खौफनाक घटना ने केवल विमानन क्षेत्र को ही नहीं हिलाया है, बल्कि मध्य पूर्व के तीन प्रमुख देशों—ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इजरायल की सुरक्षा प्रणालियों की पोल भी खोल दी है।

पायलट हमाम अल-हम्मामी (Hammam al-Hammami) जब कप्तान के पीछे खड़े होकर इमरजेंसी कुल्हाड़ी उठाने की स्थिति तक पहुँचा, उससे बहुत पहले ही उसे रोका जा सकता था। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, तीन अलग-अलग देशों के स्तर पर इस खतरे को टालने के स्पष्ट मौके थे, लेकिन तालमेल की कमी और प्रशासनिक अनदेखी के कारण एक संभावित बड़ा हादसा होते-होते बचा।
1. ओमान: खतरा पहचाना, लेकिन दुनिया से छिपाया
सुरक्षा में पहली बड़ी चूक ओमान में हुई। ओमान एयर में सेवा के दौरान एयरलाइन ने हमाम अल-हम्मामी की सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों की जाँच की थी। जाँच में पाया गया कि वह कट्टरपंथी विचारधारा में अत्यधिक रुचि ले रहा था।
जोखिम को देखते हुए ओमान एयर ने उसे तुरंत फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया। उसे डि-रेडिकलाइजेशन (डी-रेडिकलाइजेशन) प्रोग्राम से गुज़ारा गया और बाद में केवल डेस्क जॉब (कार्यालयी कार्य) सौंपी गई। हालाँकि, ओमान की सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि उसने इस संवेदनशील जानकारी या चेतावनी को किसी अन्य देश या अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ साझा नहीं किया।
2. UAE (फ्लाईदुबई): हायरिंग प्रक्रिया में घोर अनदेखी
ओमान से हटने के बाद, फरवरी 2026 में फ्लाईदुबई ने हम्मामी को नौकरी पर रख लिया। एयरलाइन ने उसका क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक (आपराधिक रिकॉर्ड) तो कराया, लेकिन उसकी पिछली कंपनी (ओमान एयर) से संपर्क करके नौकरी छोड़ने के कारणों या चिंताओं के बारे में कोई पूछताछ नहीं की।
बिना किसी गहन जाँच के, फ्लाईदुबई ने हम्मामी को अति-संवेदनशील दुबई-तेल अवीव (Dubai-Tel Aviv) रूट पर तैनात कर दिया, जहाँ वह कई बार उड़ान भर चुका था। फिलहाल UAE अधिकारी फ्लाईदुबई की इस हायरिंग प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों की जाँच कर रहे हैं।
3. इजरायल: डेटा मौजूद था, पर सिस्टम था बेखबर
हम्मामी को रोकने का आखिरी और सबसे मजबूत मौका इजरायल के पास था। नियमों के मुताबिक, ओमान जैसे देशों के पायलट (जिनके इजरायल के साथ कूटनीतिक संबंध नहीं हैं) वहाँ उड़ान नहीं भर सकते। केवल हम्मामी की राष्ट्रीयता ही उसे रोकने के लिए काफी थी।
फ्लाईदुबई ने फ्लाइट 1073 का मैनिफेस्ट (यात्रियों और क्रू की लिस्ट) इजरायल की टैक्स अथॉरिटी के पैसेंजर डेटा सिस्टम में जमा कराया था। इसके बावजूद, इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास विदेशी क्रू की जाँच का अधिकार या विशेषज्ञता नहीं है। मंत्रालय ने 2023 में डेटाबेस बनने के बाद कभी इस डेटा का उपयोग ही नहीं किया, बल्कि वे फ्लाईदुबई के 'सेल्फ-चेक' पर ही निर्भर रहे।
2024 में ही मिल चुकी थी चेतावनी की घंटी
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 2024 की एक क्लासीफाइड (गोपनीय) रिपोर्ट में इजरायल आने वाली विदेशी उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को लेकर पहले ही आगाह किया जा चुका था। इसके बावजूद इस संवेदनशील जानकारी का उपयोग फ्लाइट 1073 के मामले में नहीं किया जा सका।
एक के बाद एक सुरक्षा की तीन परतों (ओमान की चुप्पी, फ्लाईदुबई की लचर हायरिंग, और इजरायल की तकनीकी अनदेखी) के ध्वस्त होने के बाद ही कट्टरपंथी विचारों से ग्रस्त एक पायलट कॉकपिट में हथियार उठाने में कामयाब हो सका। यह मामला अंतर्राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
