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दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में फिर लगी आग, 48 घंटे में दूसरी बार बढ़े दाम; जानें दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के नए रेट्स

दिल्ली में सीएनजी ने 80 रुपये का आंकड़ा किया पार, नोएडा-गाजियाबाद में भी बढ़े दाम। पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी की महंगाई से आम जनता को लगा दोहरा झटका।

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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले आम लोगों की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ बढ़ गया है। रविवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के शहरों में सीएनजी (CNG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले 48 घंटों के भीतर यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत पहली बार 80 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है।

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2 दिनों में ₹3 महंगी हुई सीएनजी, देखें अपने शहर के नए रेट्स रविवार सुबह सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया। इससे पहले बीते शुक्रवार (15 मई) को भी सीएनजी के दामों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। यानी महज दो दिनों के भीतर सीएनजी ₹3 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।

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इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के नए दाम इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम

  • नोएडा और गाजियाबाद: 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम

पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी ने बिगाड़ा बजट

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी 3 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की थी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले 4 वर्षों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह पहली बड़ी वृद्धि है, जिसके ठीक बाद अब सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, कैब और कमर्शियल वाहन चालकों के साथ-साथ आम जनता का बजट भी पूरी तरह से बिगड़ गया है।

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पीएनजी और रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं को राहत

इस चौतरफा महंगाई के बीच राहत की बात यह है कि घरों में पाइप के जरिए सप्लाई होने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, तेल कंपनियों को वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर करीब 674 रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि इनकी कीमतें अब भी वास्तविक लागत से काफी कम हैं।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? समझें इसके पीछे की बड़ी वजह

ईंधन और गैस की कीमतों में आ रहे इस भारी उछाल के पीछे वैश्विक स्तर पर चल रहा तनाव है। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और उसके बाद तेहरान (ईरान) की जवाबी कार्रवाई के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इस युद्ध की वजह से 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) का समुद्री मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है, जहां से दुनिया के कुल तेल और गैस का पांचवां (20%) हिस्सा गुजरता है।

इसी वैश्विक संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने, कार-पूलिंग करने, 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाने और विदेशी दौरों को कम करने की अपील की थी ताकि देश के चालू खाते के घाटे (CAD) को नियंत्रित किया जा सके।