Movie prime
Ad

रील्स देखकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कपल, शादी की उम्मीद; इस बात का सता रहा था डर 

ऑनर किलिंग के डर से दिल्ली पहुंचे यूपी-बिहार के युवक-युवती; सोशल मीडिया के भ्रम पर CJI ने जताई चिंता

Ad

 
Supreme Court
WhatsApp Group Join Now

Ad

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल रील्स के असर का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां यूपी और बिहार से भागकर एक प्रेमी जोड़ा दिल्ली स्थित Supreme Court of India पहुंच गया। कपल को यह भ्रम था कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी शादी कराई जा सकती है और उन्हें सीधे CJI के आवास तक ले जाया जाएगा।

Ad
Ad

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कपल को संबंधित हाई कोर्ट जाने की सलाह दी।


ऑनर किलिंग के डर से पहुंचे दिल्ली

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युवक उत्तर प्रदेश और युवती बिहार की रहने वाली है। दोनों अपने परिवार से जान का खतरा होने के कारण घर से भागकर दिल्ली पहुंचे थे। कपल का दावा है कि उन्हें परिजनों से गंभीर धमकियां मिल रही थीं, खासकर युवती को जान से मारने की धमकी दी गई थी।

Ad


वकील ने कोर्ट में रखा मामला

वकील Harvinder Chaudhary को यह कपल सुप्रीम कोर्ट की पार्किंग में मिला, जिसके बाद उन्होंने मामले को कोर्ट के समक्ष रखा। यह सुनवाई CJI Surya Kant, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच के सामने हुई।

वकील ने बताया कि जब कपल सुरक्षा के लिए तिलक मार्ग थाने पहुंचा, तो वहां मदद करने के बजाय उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की गई।

Ad


पुलिस पर भी सवाल

वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन जाकर कपल की मदद की। इस दौरान पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए गए। वकील ने कहा कि वह युवती को अकेला छोड़ना नहीं चाहती थीं, इसलिए खुद को हिरासत में लेने तक की बात कही।

रील्स देखकर बना गलत धारणा

सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने पूछा कि कपल दिल्ली क्यों आया, तो वकील ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया रील्स देखी थीं। उन्हें लगा कि सुप्रीम कोर्ट में शादी करवाई जाती है और फिर कपल को CJI के घर ले जाया जाता है।
इस पर कोर्ट ने इस धारणा को गलत बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में उचित कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।


हाई कोर्ट जाने का निर्देश

CJI ने कपल को संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत संबंधित हाई कोर्ट जाने की सलाह दी, जहां वे अपनी सुरक्षा और अन्य राहत के लिए याचिका दायर कर सकते हैं।

Ad