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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: नई दिल्ली घोषणा में उठी वैश्विक गवर्नेंस में सुधार और समावेशी विकास की मांग

पीएम मोदी ने डिजिटल खेती और एआई जैसी पहलों पर जोर देते हुए वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को बुलंद किया है।

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नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 'ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा' को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। 12 से 13 सितंबर 2026 तक चले इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय “सक्षमता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास का निर्माण” था। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के नेताओं ने आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, लोकतंत्र और खुलेपन की भावना के तहत राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय, सांस्कृतिक और जन-सहयोग को मजबूत करने पर अपनी गहरी प्रतिबद्धता जताई है।

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वैश्विक गवर्नेंस और बहुपक्षवाद को सुदृढ़ करने पर जोर

घोषणापत्र के अनुसार, ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर सदस्य देशों ने अधिक न्यायपूर्ण, समान, चुस्त, प्रभावी और जवाबदेह अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है। नेताओं ने रेखांकित किया कि समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में विकासशील देशों (EMDCs) और विशेषकर अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सचिवालय और वरिष्ठ पदों पर भौगोलिक प्रतिनिधित्व में संतुलन तथा महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी पर भी जोर दिया गया।

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टेक्नोलॉजी और एआई से किसानों को जोड़ने की पहल

शिखर सम्मेलन के दौरान तकनीक और डिजिटल नवाचार के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल खेती के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'ब्रिक्स नेटवर्क ऑन डिजिटल' के माध्यम से कृषि और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को किसानों से जोड़ने की अनूठी पहल की है। इस कदम से उभरते बाजारों और विकासशील देशों के किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

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वैश्विक दक्षिण की चिंताओं को प्रमुखता

घ घोषणा में वैश्विक दक्षिण (Global South) के महत्व को रेखांकित करते ہوئے कहा गया है कि गहरे भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी, तकनीकी बदलाव और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देश संयुक्त रूप से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में तीस से अधिक शहरों में चार सौ से अधिक बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्होंने ब्रिक्स रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा और मजबूती दी है।