आप नेता सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
पूर्व जल मंत्री के साथ IAS उदित प्रकाश राय भी न्यायिक हिरासत में; ACB की कार्रवाई के बीच जमानत अर्जी पर नोटिस जारी
नई दिल्ली (भदैनी मिरर न्यूज़): आम आदमी पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन और चार अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


वहीं, इसी मामले में नामजद दिल्ली जल बोर्ड के एक अन्य कर्मचारी अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कस्टडी में भेजा गया है। अदालत ने सत्येंद्र जैन द्वारा दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एसीबी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय भी भेजे गए जेल

स्पेशल जज दिग विनय सिंह की अदालत में एसीबी ने बुधवार (19 अगस्त 2026) को सत्येंद्र जैन तथा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) व वर्तमान में मिजोरम सरकार में सचिव पद पर तैनात आईएएस (IAS) अधिकारी उदित प्रकाश राय समेत अन्य आरोपियों को पेश किया। एसीबी ने अदालत से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।


बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन के वकील ने दलील दी कि एसीबी के पास गिरफ्तारी का कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि मई 2024 में एफआईआर दर्ज होने के लंबे समय बाद पहली बार 5 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और इसके बाद अचानक मंगलवार को बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, उदित प्रकाश राय के वकील ने भी गिरफ्तारी के आधार को गैर-जरूरी बताया।
क्या है दिल्ली जल बोर्ड का STP घोटाला?
यह पूरा मामला दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय (Vigilance Directorate) की शिकायत पर 11 मई 2024 को दर्ज किया गया था। आरोप है कि:
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टेंडर प्रक्रिया में धांधली: दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी प्लांटों के अपग्रेडेशन और विस्तार से जुड़े टेंडरों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई।
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पसंदीदा कंपनी को लाभ: एसीबी जांच में सामने आया कि टेंडर की शर्तों में जानबूझकर ऐसी तकनीकी शर्तें जोड़ी गईं, जिससे एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर कंपनी 'यूरोटेक एनवायरनमेंट' को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके।
अदालत द्वारा सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आम आदमी पार्टी और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के लिए कानूनी राह और कठिन नजर आ रही है।
