8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की बड़ी हुंकार! ₹52,600 न्यूनतम सैलरी और ₹50 लाख ग्रेच्युटी की मांग, क्या सरकार देगी तोहफा?
IRTSA ने सरकार को सौंपा ज्ञापन, तकनीकी कर्मचारियों के लिए रखीं ऐतिहासिक मांगें।
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की चर्चाओं के बीच रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी मांगों का पिटारा खोल दिया है। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर वेतन और सुविधाओं में बड़े बदलाव की मांग की है। संगठन का तर्क है कि तकनीकी कर्मचारी जोखिम भरे और कठिन हालातों में काम करते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर रिवॉर्ड मिलना चाहिए।


न्यूनतम वेतन ₹52,600 करने का प्रस्ताव
संगठन ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में तकनीकी कर्मचारियों का न्यूनतम शुरुआती वेतन बढ़ाकर ₹52,600 किया जाए। इसके साथ ही अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के लिए 5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने की वकालत की गई है।
प्रमोशन और इंक्रीमेंट में बड़ा बदलाव

वेतन वृद्धि को लेकर IRTSA ने दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए हैं:
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सालाना इंक्रीमेंट: हर साल मिलने वाली वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 5% किया जाए।
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करियर प्रमोशन: 30 साल की सर्विस के दौरान 6, 12, 18, 24 और 30 साल की सेवा पर कुल 5 फाइनेंशियल अपग्रेडेशन (MACP) मिलने चाहिए।
महंगाई भत्ते (DA) और HRA के लिए नया फॉर्मूला
कर्मचारियों ने मांग की है कि महंगाई भत्ते की गणना के लिए एक नया इंडेक्स बनाया जाए, जिसमें इंटरनेट और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे आधुनिक खर्चों को भी जोड़ा जाए। इसके अलावा, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को शहरों की आबादी के हिसाब से 40%, 30%, 20% और 10% (प्लस DA) करने का प्रस्ताव दिया गया है।

रिटायरमेंट पर ₹50 लाख की ग्रेच्युटी और OPS की मांग
संगठन ने रिटायरमेंट लाभों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है:
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पुरानी पेंशन: 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए सभी कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।
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ग्रेच्युटी: रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर ₹50 लाख किया जाए।
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लीव एनकैशमेंट: अर्जित अवकाश के बदले मिलने वाले भुगतान की सीमा 300 दिनों से बढ़ाकर 600 दिन की जाए।
शिक्षा और नाइट ड्यूटी भत्ता
बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाले एजुकेशन अलाउंस को बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह करने और इसे पोस्ट-ग्रेजुएशन तक लागू करने की मांग की गई है। साथ ही, नाइट ड्यूटी भत्ते की गणना के लिए वेतन सीमा को पूरी तरह हटाने की अपील की गई है। यदि सरकार इन मांगों पर मुहर लगाती है, तो रेलवे के लाखों परिवारों के जीवन स्तर में क्रांतिकारी सुधार आएगा।
