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वाराणसी: UP STF की बड़ी कामयाबी, बलिया का ₹50 हजार का इनामी बदमाश बनारस स्टेशन से गिरफ्तार; तमिलनाडु भागने की फिराक में था मनोज यादव

दोस्त की मारपीट का बदला लेने के लिए बनाया था 12 लड़कों का गैंग; सुखपुरा और बलिया कोतवाली में दर्ज हैं 15 गंभीर मुकदमे।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को पूर्वांचल में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की अयोध्या फील्ड इकाई ने बलिया जिले के शातिर और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मनोज यादव को वाराणसी के बनारस रेलवे स्टेशन (मंडुआडीह) से धर दबोचा। आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर एक बार फिर सूबे से बाहर भागने की फिराक में स्टेशन पहुंचा था, लेकिन ट्रेन पकड़ने से पहले ही एसटीएफ के जाल में फंस गया।

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गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की टीम ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

दोस्त की मारपीट का बदला लेने के लिए बनाया था गैंग

एसटीएफ की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी मनोज यादव ने अपने अपराध की दुनिया का पूरा चिट्ठा खोल दिया। बलिया के रामपुर उदयभान गांव के रहने वाले मनोज ने बताया कि साल 2021 में उसके करीबी दोस्त आदित्य पांडेय के साथ कुछ लोगों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना का प्रतिशोध (बदला) लेने और इलाके में अपना खौफ व वर्चस्व कायम करने के लिए उसने 10 से 12 स्थानीय युवकों को मिलाकर एक नया गैंग तैयार कर लिया। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ मिलकर रंगदारी, मारपीट और डराने-धमकाने जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा।

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तमिलनाडु को बनाया था सेफ हाउस, 15 मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि मनोज यादव का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ बलिया के कोतवाली और सुखपुरा थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय दंड संहिता (IPC) और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत कुल 15 गंभीर मामले दर्ज हैं।

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चोरी-छिपे आता था यूपी: मनोज पहले भी कई बार जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद वह पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए तमिलनाडु भाग गया था और वहीं रहने लगा था। वह केवल वारदातों को अंजाम देने या अपने करीबियों से मिलने चोरी-छिपे बलिया आता-जाता था।

बनारस स्टेशन पर ऐसे फेल हुआ भागने का प्लान

बलिया पुलिस द्वारा लगातार दी जा रही दबिश और बढ़ते दबाव के कारण मनोज इस बार पूरी तरह राज्य छोड़ने की फिराक में था। वह तमिलनाडु की ट्रेन पकड़ने के लिए वाराणसी के बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचा था। लेकिन एसटीएफ की अयोध्या इकाई को इसकी सटीक मुखबिरी मिल चुकी थी। टीम ने घेराबंदी कर उसे स्टेशन परिसर से ही दबोच लिया। बलिया पुलिस अब मनोज को रिमांड पर लेकर उसके गैंग के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है।