वाराणसी: UP-STF और कैंट पुलिस ने 1 क्विंटल गांजा संग तस्कर को किया अरेस्ट, लग्जरी कार जब्त
महीने में तीन बार उड़ीसा से मऊ तक पहुंचाई जाती थी खेप, 55 लाख आंकी गई कीमत
वाराणसी:वाराणसी कमिश्नरेट में अपराधियों के खिलाफ जारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति और 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत यूपी एसटीएफ और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है।


फुलवरिया पुल के पास हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ यूपी को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से गांजे की एक बड़ी खेप वाराणसी के रास्ते मऊ ले जाई जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में टीम सक्रिय हुई। रविवार दोपहर करीब 01:58 बजे, कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया पुल से 200 मीटर आगे वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर एक संदिग्ध शेवरले कार (OD-02-BJ-1983) को घेराबंदी कर रोका गया।

गांजे की कीमत करीब 55 लाख रुपये
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कैंट, अपूर्व पाण्डेय की मौजूदगी में जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें से 107.140 किलोग्राम (1.07 क्विंटल) अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से अभियुक्त अजय गिरी (निवासी मुस्तफाबाद, मऊ) को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में तस्करी के खेल का खुलासा
गिरफ्तार तस्कर अजय गिरी ने पूछताछ में बताया कि वह उड़ीसा से गांजा लाकर मऊ और उसके आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। वह महीने में तीन बार उड़ीसा के चक्कर लगाता था और हर खेप पर उसे मोटा मुनाफा होता था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है।
पुलिस टीम का विवरण
इस सराहनीय कार्य में कैंट प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त मिश्र, एसटीएफ लखनऊ के उपनिरीक्षक अमित तिवारी, उपनिरीक्षक आशुतोष तिवारी, मुख्य आरक्षी स्वरूप पाण्डेय, आलोक पाण्डेय, पवन गौतम, रविन्द्र सिंह, जितेन्द्र वर्मा और आरक्षी आदित्य पाल सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आरोपी के खिलाफ थाना कैंट में मु0अ0सं0 206/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
