Varanasi : वाराणसी में मासूम को गर्म चाकू से दागने का मामला, NHRC ने लिया संज्ञान; मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट
NHRC ने वाराणसी के सेरेन सोनी प्ले स्कूल में हुई हैवानियत पर लिया स्वतः संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और वाराणसी पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर मांगी विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट।
लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने केस दर्ज कर बढ़ाईं गंभीर धाराएं; शिक्षिका, प्रिंसिपल व प्रबंधक नामजद।
भदैनी मिरर डेस्क। वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र स्थित अकथा के 'सेरेन सोनी प्ले स्कूल' में 5 वर्षीय मासूम छात्र के साथ हुई हैवानियत के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस खौफनाक और अमानवीय कृत्य का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और वाराणसी के पुलिस आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


आयोग ने घटना को अत्यंत गंभीर व मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन मानते हुए दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
NHRC ने कहा: "मासूम के साथ ऐसा कृत्य घोर अमानवीय"

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर 28 जुलाई को इस घटना की जानकारी सामने आई थी। 5 साल के बच्चे द्वारा क्लासरूम में लघुशंका (पेशाब) हो जाने पर शिक्षिका द्वारा उसे किचन में ले जाकर गर्म चाकू से दागा जाना और फिर किसी को बताने पर और कड़ी सजा देने की धमकी देना बेहद अमानवीय और संवेदनशील कृत्य है।

आयोग ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा और देखभाल में इस तरह की बर्बरता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
यह था पूरा मामला: पैंट में पेशाब करने पर शिक्षिका ने पार की थीं हैवानियत की हदें
वाराणसी के जे.डी. नगर कॉलोनी (अकथा, पहड़िया) निवासी अधिवक्ता केशरी जायसवाल के 5 वर्षीय पुत्र सेरेन सोनी प्ले स्कूल में नर्सरी का छात्र है।
मासूम ने अपनी क्लास टीचर प्रीति कुशवाहा से शौचालय (बाथरूम) जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन शिक्षिका ने मना कर दिया। मजबूरीवश बच्चे का नियंत्रण छूट गया और पैंट में ही पेशाब हो गया। इससे गुस्साई शिक्षिका मासूम को घसीटते हुए दूसरे कमरे में ले गई और रसोई में गैस पर चाकू गर्म कर उसके प्राइवेट पार्ट को बुरी तरह जला दिया। पीड़ित पिता की तहरीर पर लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका प्रीति कुशवाहा, स्कूल की प्रिंसिपल और प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बच्चे के मेडिकल परीक्षण और चोटों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
दो सप्ताह में देनी होगी जवाबदेही
मानवाधिकार आयोग की इस कार्रवाई के बाद जिला और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को अब दो सप्ताह के अंदर जांच की स्थिति, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित मासूम के इलाज व सुरक्षा से जुड़ी पूरी रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
