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Varanasi: आर्मी का सीक्रेट एजेंट बन शिक्षिका से दुष्कर्म, 5 लाख ऐंठे; भदोही का टैक्सी चालक दिल्ली से गिरफ्तार

5 साल पहले सोशल मीडिया से हुई पहचान, सीक्रेट मिशन के नाम पर ऐंठे ₹5 लाख।

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वाराणसी (भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क): खुद को भारतीय सेना का सीक्रेट एजेंट बताकर शिक्षिका से दोस्ती करने, ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठने और दुष्कर्म करने के मामले में वाराणसी की कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और एसआईटी (SIT) की संयुक्त टीम ने आरोपी टैक्सी चालक को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया है। आरोपी भदोही जिले का निवासी है और दिल्ली में रहकर टैक्सी चलाता था।

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सोशल मीडिया पर 'रोहित राणा' बनकर किया संपर्क

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित शिक्षिका का अपने पति से विवाद चल रहा है और कोर्ट में तलाक का मामला लंबित है। लगभग 4-5 साल पहले सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान भदोही जिले के विशुनपुर रामपुर (ज्ञानपुर) निवासी शिवभूषण शुक्ला से हुई थी।

चैटिंग के दौरान आरोपी ने खुद को सेना का सीक्रेट एजेंट 'रोहित राणा' बताया। उसने महिला को झांसा दिया कि सुरक्षा कारणों से वह अपनी असली पहचान उजागर नहीं कर सकता और यदि यह बात बाहर आई तो दुश्मन देश इसका फायदा उठा सकते हैं। आरोपी अलग-अलग नंबरों से अलग-अलग नाम बताकर महिला से बात करता रहता था।

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सीक्रेट मिशन के नाम पर 5 लाख रुपये ऐंठे, अयोध्या में दुष्कर्म

आरोपी ने खुद को सेना के गुप्त मिशन में फंसा बताकर शिक्षिका से किश्तों में लगभग ₹5 लाख ऐंठ लिए। इसके बाद आरोपी ने धोखे से महिला को मिलने के बहाने अयोध्या बुलाया। आरोप है कि वहाँ एक होटल में उसने शिक्षिका को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार महिला का शोषण करता रहा।

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जब शिक्षिका को आरोपी के टैक्सी चालक होने और फर्जी पहचान की असलियत पता चली, तो उसने वाराणसी के कोतवाली थाने में नामजद केस दर्ज कराया।

SIT और कोतवाली पुलिस ने दिल्ली में बिछाया जाल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली पुलिस और एसआईटी की विशेष टीम गठित की गई। एसआईटी उप-निरीक्षक अजीत मौर्य, उप-निरीक्षक अभिषेक चंद्रा, कांस्टेबल अखिलेश कुमार और नीरज मौर्य की टीम सर्विलांस सेल के आरक्षी अश्विनी सिंह की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए 1 अगस्त को नई दिल्ली के चिराग दिल्ली स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंची।

पार्क में घेराबंदी कर पुलिस टीम ने आरोपी शिवभूषण शुक्ला को धर दबोचा। गिरफ्तारी के समय वह पुलिस के लोगो जैसी टी-शर्ट पहने हुए था। कोतवाली प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर किस्म का है और खुद को सीक्रेट एजेंट साबित करने के लिए फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल करता था।