वाराणसी : 50 हजार के बदले वसूले 87 हजार, फिर भी ब्लैंक चेक के दम पर दी धमकी
युवक ने खाया जहर, अस्पताल में भर्ती, मां ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद अंतर्गत शिवपुर थाना क्षेत्र से सूदखोरी के आतंक का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक सूदखोर के लगातार मानसिक उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकियों से तंग आकर एक युवक ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। समय रहते परिजनों को भनक लगने पर युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ इलाज के बाद फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।


इस खौफनाक कदम के बाद पीड़ित युवक की मां ने शिवपुर थाना प्रभारी को लिखित तहरीर देकर आरोपी सूदखोर के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
50 हजार के बदले वसूल चुका था 87 हजार रुपये
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवपुर (सुद्धिपुर) की रहने वाली आशा देवी (पत्नी राजकुमार सेठ) ने पुलिस को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में पूरी आपबीती बताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नुनारी (बड़ागाँव) के रहने वाले राहुल सेठ नाम के एक व्यक्ति ने उनके पुत्र गौतम सेठ को ऑनलाइन माध्यम से छोटे-छोटे अमाउंट में कुल ₹50,000 उधार दिए थे। इस रकम के एवज में गौतम ने सुरक्षा (सिक्योरिटी) के तौर पर राहुल को एक ब्लैंक बियरर चेक (Bearer Check) सौंप दिया था।

चेक बाउंस कराने और मारने की दे रहा था धमकी
पीड़िता आशा देवी का कहना है कि उनका बेटा गौतम मूलधन से कहीं अधिक, यानी ब्याज सहित कुल ₹87,000 आरोपी राहुल सेठ को वापस कर चुका है। पूरी रकम चुकाने के बाद जब गौतम ने अपना बियरर चेक वापस मांगा, तो आरोपी की नीयत खराब हो गई। उसने चेक लौटाने से साफ इनकार कर दिया और अतिरिक्त पैसों की डिमांड करने लगा।

आरोप है कि राहुल ने गौतम को सीधे शब्दों में धमकी दी कि, "मुझे और पैसे चाहिए, नहीं तो तुम्हारा चेक बाउंस करा कर तुम पर ऐसा मुकदमा दर्ज कराऊंगा कि जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।" इसके साथ ही आरोपी द्वारा युवक को फोन पर बार-बार जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं।
डिप्रेशन में आकर उठाया आत्मघाती कदम
सूदखोर की लगातार मिल रही धमकियों और भारी मानसिक प्रताड़ना के कारण गौतम गहरे डिप्रेशन (तनाव) में चला गया। अंततः इस रोज-रोज के उत्पीड़न से तंग आकर उसने घर में रखा जहर खा लिया। आनन-फानन में उसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार किया गया।
पीड़ित परिवार ने शिवपुर कमिश्नरेट पुलिस को मामले से जुड़े सभी डिजिटल सबूत और आरोपी का मोबाइल नंबर सौंप दिया है। पुलिस ने तथ्यों को अभिलेख में दर्ज कर लिया है और आरोपी सूदखोर के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की तैयारी के साथ मामले की गहराई से जांच में जुट गई है।
