वाराणसी: शादी का झांसा देकर दो साल तक दुष्कर्म, ब्लैकमेल कर कराया गर्भपात; पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार
अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, शादी की बात करने पर परिजनों ने की मारपीट
वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी से रिश्तों को तार-तार करने और महिला उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवती ने शादी का झांसा देकर दो वर्षों तक दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, अप्राकृतिक संबंध बनाने और गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात की दवा खिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने अपने अधिवक्ता आलोक पाठक के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा है।


रिश्तेदारी में आना जाना बना शोषण का जरिया
पीड़िता के अनुसार, उसके भाई का विवाह आरोपी रामबाबू पटेल (निवासी: थाना जंसा, जिला वाराणसी) के परिवार में हुआ था। इसी पारिवारिक रिश्तेदारी के चलते रामबाबू का पीड़िता के घर आना-जाना शुरू हुआ। आरोप है कि इस दौरान रामबाबू ने युवती को प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा दिया। जून 2024 में आरोपी की दादी के देहांत के समय आयोजित कार्यक्रम में पीड़िता शामिल होने गई थी, जहां रात में आरोपी ने उसकी मर्जी के खिलाफ पहली बार शारीरिक संबंध बनाए और चोरी-छिपे वीडियो बना लिया।

शिवपुर के गेस्ट हाउस में बुलाकर 2 साल तक ब्लैकमेलिंग
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि उस अश्लील वीडियो के दम पर आरोपी पीड़िता को शिवपुर ओवरब्रिज स्थित गुप्ता गेस्ट हाउस में बुलाकर लगातार दो साल तक यौन शोषण करता रहा। विरोध करने पर मारपीट और अप्राकृतिक संबंध बनाने का भी आरोप है।


गर्भवती होने पर पिलाई गर्भपात की दवा
शारीरिक शोषण के दौरान जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो उसने रामबाबू पर शादी करने का दबाव बनाया। आरोप है कि रामबाबू मेडिकल स्टोर से गर्भपात की दवा लाकर जबरन युवती को खिला दी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद जब युवती ने दोबारा शादी की बात उठाई, तो आरोपी ने रिश्तेदारी का बहाना बनाकर साफ इनकार कर दिया।
शादी की बात करने पर परिजनों ने की मारपीट
पीड़िता का आरोप है कि बीते 5 जुलाई 2026 को वह अपने पिता के साथ रामबाबू के घर शादी का प्रस्ताव लेकर गई थी। वहां आरोपी रामबाबू पटेल, उसकी मां, बहन और चाचा ने मिलकर पीड़िता और उसके पिता के साथ गाली-गलौज करते हुए गंभीर मारपीट की।
थाना स्तर पर सुनवाई न होने पर कमिश्नरेट दफ्तर का दरवाजा खटखटाया
पीड़िता ने बताया कि उसने 30 जुलाई 2026 को थाना सिंधोरा में मामले की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय पुलिस की ढिलाई के बाद पीड़िता अधिवक्ता के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंची। पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले के तथ्यों और साक्ष्यों की जांच में जुटी है।
