Varanasi: वाराणसी के नामचीन डॉक्टर के बेटे डॉ. अनुपम तिवारी पर दुष्कर्म का मुकदमा, तलाश तेज
अस्पताल की ही एक महिला कर्मचारी ने लगाया आरोप, तहरीर के बाद पूछताछ कर दर्ज किया केस
भदैनी मिरर: धर्मनगरी वाराणसी के चिकित्सा जगत से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के नामचीन और चर्चित चिकित्सक डॉ. पी.एन. तिवारी के पुत्र डॉ. अनुपम तिवारी पर एक अस्पताल की महिला कर्मचारी ने दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर और पुलिस द्वारा करीब 24 घंटे तक की गई प्रारंभिक पूछताछ के बाद लालपुर-पांडेयपुर थाने में अभियुक्त के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।


ढाई साल से जबरन शारीरिक संबंध बनाने और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह पिछले करीब ढाई वर्षों से हुकुलगंज स्थित पी.एन. सर्जिकल हॉस्पिटल में कार्यरत है। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान डॉ. अनुपम तिवारी उस पर लगातार दबाव बनाते रहे और उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किए।

जब भी उसने इसका विरोध करने का प्रयास किया, तो उसे नौकरी से निकाल देने, समाज में बदनाम करने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
केबिन में बुलाकर मारपीट और धमकी देने का दावा
महिला कर्मचारी ने अपनी तहरीर में 26 जुलाई को हुई घटना का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि डॉ. अनुपम तिवारी ने उसे अपने केबिन में बुलाया। आरोप है कि वहां उसे गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का यह भी कहना है कि इस दौरान अस्पताल के ही एक अन्य कर्मचारी सुमित मिश्रा के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट और अभद्रता भी की गई।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
घटना के बाद पीड़िता ने सीधे पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है:
-
धारा 74: महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग।
-
धारा 75(2): यौन उत्पीड़न।
-
धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुंचाना।
-
धारा 351(3): जान से मारने की धमकी (आपराधिक धमकी)।
मामले पर लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस का कहना है कि पीड़िता की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों व जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
