Varanasi: यूपी कॉलेज हत्याकांड के आरोपी मंजीत चौहान पर लगा NSA, क्लास के बाहर मारी थी गोली
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर हुई राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) की कठोर कार्रवाई; जेल से बाहर आने की कोशिश नाकाम
भदैनी मिरर क्राइम डेस्क (वाराणसी): वाराणसी के उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज कैम्पस में हुए सनसनीखेज छात्र सूर्य प्रताप सिंह हत्याकांड में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने कठोर कानूनी शिकंजा कस दिया है। मामले के मुख्य आरोपी मंजीत चौहान (निवासी चांदमारी बड़ालालपुर, थाना शिवपुर) के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) 1980 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में और जिला मजिस्ट्रेट (DM) वाराणसी के आदेश पर यह कदम उठाया गया है, ताकि क्षेत्र की लोक-व्यवस्था (Public Order) बनी रहे और आरोपी जेल से बाहर न आ सके।


क्या था पूरा मामला?
इसी वर्ष 20 मार्च को जब यूपी कॉलेज कैम्पस में बीए सेकंड ईयर के छात्र मंजीत चौहान ने बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। मनजीत ने क्लास के बाहर गोली मारी थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। गोली लगने से सूर्य प्रताप सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।

छात्रों ने खोला था मोर्चा
घटना के बाद यूपी कॉलेज सुलग चुका था। इसी दौरान आरोपी मंजीत का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह MAFIA लिखा था, जिसके उसके मंसूबे साफ झलक रहे थे।
छात्रों के उग्र आंदोलन के बाद शिवपुर पुलिस ने घटना के अगले ही दिन 21 मार्च 2026 को आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई।

क्यों लगानी पड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA)?
पुलिस अधिकारियों की विस्तृत आख्या के अनुसार, इस वीभत्स हत्याकांड से कॉलेज कैम्पस और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया था। आरोपी अदालत से निरंतर जमानत (Bail) पाने की कोशिश कर रहा था।प्रशासन को आशंका थी कि यदि मंजीत चौहान जेल से बाहर आता है, तो क्षेत्र की शांति और लोक-व्यवस्था फिर से प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने उस पर NSA की तामीली कराई है।
'माफिया' नाम के पीछे की क्या है सच्चाई?
सोशल मीडिया और कॉलेज सर्कल्स में मंजीत चौहान के नाम के साथ 'माफिया' शब्द जुड़ने पर उसके भाई ने बीते दिन सफाई दी थी। उसने बताया कि मंजीत किसी आपराधिक गिरोह का हिस्सा नहीं था:"मंजीत एक वेब सीरीज ('कर्ट्स कट्टा') में स्पॉट बॉय का काम करता था। शूटिंग में इस्तेमाल होने वाले एक नकली कट्टे के साथ उसने फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी। पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने भी ले गई थी, लेकिन सच सामने आने पर छोड़ दिया। इसके बाद से कॉलेज के दोस्त उसे मज़ाक में 'माफिया' कहकर चिढ़ाने लगे और यही नाम उसके साथ जुड़ गया।"
