Movie prime
PMC_Hospital

Varanasi News:  APK फाइल और म्यूल अकाउंट से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 05 शातिर गिरफ्तार

एपीके (APK) फाइल भेजकर साफ कर देते थे बैंक अकाउंट, NCRP की 22 शिकायतों में 53 लाख से अधिक की कर चुके थे ठगी; मास्टरमाइंड आदर्श समेत 5 पर कस शिकंजा

Ad

 
df
WhatsApp Group Join Now

Ad

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी 'साई वज्रा मिशन' के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस, प्रतिबिंब सेल और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और कुशल रणनीति से एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 05 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया गिरोह एपीके (APK) फाइल के जरिए मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर बैंकिंग क्रेडेंशियल्स चुराता था और फिर गरीब तबके के लोगों के म्यूल बैंक खातों (Mule Accounts) में ठगी का पैसा ट्रांसफर कर लेता था।

Ad
Ad

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह पर NCRP पोर्टल पर दर्ज 22 शिकायतों के जरिए 53 लाख रुपये से अधिक की ठगी के प्रमाण मिले हैं। ठगी के पैसों से खरीदे गए दो लग्जरी वाहनों—महिंद्रा थार और हुंडई i20 को पुलिस जब्त कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत कुरकी की कार्रवाई कर रही है।

Ad

h

मास्टरमाइंड मिर्जापुर का, टेक्निकल एक्सपर्ट्स का संगठित नेटवर्क

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड आदर्श चौबे है, जो मूल रूप से जनपद मिर्जापुर का रहने वाला है। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, मऊ और वाराणसी के निवासी हैं।

गिरोह में शामिल दो अभियुक्त टेक्निकल एक्सपर्ट (APK Specialist) हैं, जो काफी पढ़े-लिखे हैं। ये आरोपी एंड्रॉइड यूजर्स के पास लुभावने मैसेज या लिंक के जरिए APK फाइल भेजते थे। जैसे ही यूजर लिंक पर क्लिक करता, आरोपी उसके फोन का रिमोट एक्सेस (Remote Access) हासिल कर यूजर आईडी और बैंकिंग डिटेल्स चुरा लेते थे और खातों से पैसे सफाचट कर देते थे।

Ad

वहीं, गिरोह के बाकी तीन सदस्य म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) के सप्लायर थे। ये गरीब व सीधे-साधे लोगों को थोड़े-बहुत कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। फिर उनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम अपने कब्जे में रखकर साइबर ठगी के पैसों का लेनदेन करते थे।

i

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

  1. आदर्श चौबे (मास्टरमाइंड) - पुत्र मिथिलेश चौबे, निवासी रामगढ़, थाना चुनार, मिर्जापुर (हाल पता: वरुणा एन्क्लेव, थाना कैंट, वाराणसी)

  2. आशीष यादव - पुत्र ओमकार यादव, निवासी तोफापुर बिन्दवल, थाना बिलरियागंज, आजमगढ़ (हाल पता: वरुणा एन्क्लेव, थाना कैंट, वाराणसी)

  3. सुजल सिंह - पुत्र विजय सिंह, निवासी कवाल, थाना जनसठ, मुजफ्फरनगर (हाल पता: गणपति एन्क्लेव सुंदरपुर, वाराणसी)

  4. पियूष सिंह - पुत्र रामकुवर सिंह, निवासी भीखमपुर, थाना घोसी, मऊ (हाल पता: कबीर नगर, भेलपुर, वाराणसी)

  5. युवराज वर्मा - पुत्र आशीष वर्मा, निवासी गांधी नगर, नरिया, थाना लंका, वाराणसी

भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और माल बरामद

पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियां बरामद की हैं:

  • मोबाइल व लैपटॉप: 15 एंड्रॉइड मोबाइल, 03 आईफोन, 01 लैपटॉप

  • बैंकिंग दस्तावेज: 43 एटीएम/डेबिट कार्ड, 10 पासबुक, 08 चेकबुक, 11 क्यूआर (QR) कोड, 01 डायरी

  • सिम व नकदी: 12 सिम कार्ड और ₹12,060 नकद

  • वाहन: महिंद्रा थार (UP 65 FV 0326) और हुंडई i20 (UP 65 EA 2803)

ठगी के पैसे की EMI से चलती थी थार और i20

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्हें विदेशों व अन्य राज्यों में बैठे बड़े साइबर अपराधियों से कुल ठगी की रकम का 8 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। इसी अवैध कमाई से उन्होंने महिंद्रा थार और i20 गाड़ियां खरीदीं, जिनकी मासिक किस्त (EMI) भी साइबर ठगी के पैसों से ही भरी जा रही थी।

ki

कानूनी कार्रवाई और पुलिस टीम की सराहना

गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट वाराणसी में मु०अ०सं० 35/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 112 और आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 66C व 66D में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। संबंधित जनपदों से इनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

इस गुड वर्क को अंजाम देने वाली प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद, उ०नि० आलोक सिंह यादव, उ०नि० अभिषेक पाण्डेय, उ०नि० शैलेंद्र कुमार एवं उनकी टीम को पुलिस आयुक्त द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

वाराणसी पुलिस की आमजन से अपील

  1. खाता शेयर न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें।

  2. कमीशन के लालच से बचें: पैसों का लालच देकर खाता खुलवाने या कमीशन देने का प्रस्ताव अवैध है; ऐसा करने पर आप भी अपराध के भागीदार बन सकते हैं।

  3. APK फाइलों से सावधान: अपने फोन में किसी अनजान APK फाइल या मैसेज फॉरवर्डिंग ऐप को बिल्कुल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

  4. तत्काल शिकायत दर्ज कराएं: साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।