वाराणसी: नाबालिग लड़कियों की मानव तस्करी का भंडाफोड़, वांछित महिला को रोहनिया पुलिस ने किया अरेस्ट
बहला-फुसलाकर वेश्यावृत्ति के लिए राजस्थान भेजने का मामला; आरोपी महिला पर वाराणसी, चंदौली और आजमगढ़ में कई गंभीर मुकदमे है दर्ज
वाराणसी (भदैनी मिरर)। रोहनिया पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त एक वांछित महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर नशीला पदार्थ देकर राजस्थान में बेचने का गंभीर आरोप है। महिला पिछले वर्ष से फरार चल रही थी।

क्या है पूरा मामला?
अमरा रोहनिया के रहने वाले 14 मार्च 2025 को रोहनिया थाने में केस दर्ज करवाया था। तहरीर के मुताबिक, उनकी लगभग 14 वर्षीय पुत्री और गांव की ही एक अन्य 13 वर्षीय बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे।
एफआईआर के अनुसार, मुख्य आरोपी जितेन्द्र चमार और उसकी पत्नी ने दोनों नाबालिग लड़कियों को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर अचेत कर दिया और उन्हें वेश्यावृत्ति के प्रयोजन से राजस्थान के तस्करों के हाथों बेच दिया। बाद में जब पीड़ित पिता ने खोजबीन की, तो एक लड़की ने फोन कर आपबीती रो-रोकर सुनाई और बताया कि किस तरह उन्हें बंधक बनाकर बेचा गया है। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को धमकी भी दी थी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
टेंगड़ा मोड़ के पास से हुई गिरफ्तारी
रोहनिया पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर केस दर्ज किया था। इस मामले में 32 वर्षीय महिला फरार चल रही थी। पुलिस ने महिला को 15 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे टेंगड़ा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी महिला का लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार महिला शातिर किस्म की अपराधी है, जिसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के थाना रोहनिया के अलावा वर्ष 2024 में ही थाना सारनाथ (वाराणसी), वर्ष 2026 में थाना मेहनाजपुर (आजमगढ़), और वर्ष 2023 में थाना बलुआ (चंदौली में केस दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में रोहनिया थाना प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह, उप-निरीक्षक धर्मेन्द्र राजपूत, हेड कांस्टेबल अमरनाथ यादव, जयकान्त पाण्डेय, चन्द्रदीप मौर्य और महिला कांस्टेबल रचना सरोज की भूमिका रही।
