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वाराणसी: CBI और ED का डर दिखाकर कंदवा के व्यवसायी से 49.78 लाख की ठगी, मंडुवाडीह थाने में FIR दर्ज

पारिवारिक संबंधों की आड़ में रची गई साजिश, बैंक ट्रांसफर और कैश के जरिए ऐंठे लाखों रुपये

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मुख्य आरोपी ने खुद को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार होने का रचा झूठा नाटक, फिर किया ब्लैकमेल

छह नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में जांच एजेंसियों के नाम पर डराकर ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिरों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का हौवा खड़ा कर एक व्यक्ति से कुल 49 लाख 78 हजार 500 रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित की तहरीर पर मंडुवाडीह थाना पुलिस ने छह नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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पारिवारिक संबंधों का फायदा उठाकर बुना जाल

मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के कंदवा अवलेशपुर (अमरा चौराहा) के रहने वाले पीड़ित अशोक कुमार मल्ल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपी विनय कुमार गौड़, उसकी पत्नी उर्मिला देवी और उसके दो बेटों विवेक कुमार गौड़ व विकास कुमार गौड़ से उनके पुराने पारिवारिक संबंध थे। आरोपियों ने इसी करीबी और भरोसे का फायदा उठाकर एक सोची-समझी साजिश के तहत अशोक कुमार को अपने जाल में फंसाया। शुरुआत में आरोपियों ने व्यापार और ठेकेदारी में निवेश के नाम पर रुपयों की मांग की, जिस पर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों से आरोपियों के अकाउंट में कुल 16 लाख 78 हजार 500 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

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ED-CBI की गिरफ्तारी का रचा झूठा नाटक

पैसे हड़पने के बाद मुख्य आरोपी विनय कुमार गौड़ ने एक नया पैंतरा चला। उसने पीड़ित को झांसा दिया कि उस पर सीबीआई और ईडी की नजर है और उसने खुद को जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने का एक झूठा नाटक रचा। इसके बाद उसने अशोक कुमार मल्ल को भी केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित ने आरोपियों को 33 लाख रुपये कैश (नकद) भी दे दिए।

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करीबियों को भी बनाया निशाना, मांगने पर दी धमकी

ठगी का यह खेल यहीं नहीं रुका। आरोपियों ने अशोक कुमार मल्ल के करीबियों पुष्पा सिंह और शैलेंद्र कुमार को भी इसी तरह ईडी-सीबीआई का डर दिखाकर अपना शिकार बनाया और उनसे भी मोटी रकम ऐंठ ली। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल करते हुए उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।

क्या कहती है मंडुवाडीह पुलिस? मंडुवाडीह थाना प्रभारी निरीक्षक अजय राज वर्मा ने बताया कि पीड़ित अशोक कुमार मल्ल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस मामले में विनय कुमार गौड़, उर्मिला देवी, विवेक, विकास के साथ-साथ राजकुमार, मेहताब और दो-तीन अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस बैंक खातों के लेन-देन और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।