Varanasi: वक्फ संपत्ति पर फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़; चौक पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. आजम को दबोचा
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की जमीन और भवनों के कागजातों में की गई थी हेराफेरी; पुलिस की रडार पर कई और नाम, जांच तेज।
वाराणसी, भदैनी मिरर:
वाराणसी कमिश्नरेट की चौक थाना पुलिस ने वक्फ संपत्ति पर धोखाधड़ी और जालसाजी कर अवैध कब्जा करने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वक्फ के दस्तावेजों में हेरफेर कर नामांतरण कराने के प्रयास के आरोप में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद आजम (उम्र 48 वर्ष), पुत्र शौकत अली, निवासी शेख सलीम फाटक (नई सड़क, थाना चेतगंज) के रूप में हुई है।


दस्तावेजों में हेरफेर कर कब्जे की थी साजिश
चौक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तहत आने वाली वक्फ संपत्ति नंबर-294 से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि काजीपुरा कलां स्थित वक्फ की बेशकीमती जमीन और उस पर बने भवनों के सरकारी दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर और फर्जीवाड़ा किया गया। इस कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अवैध तरीके से संपत्ति का नामांतरण (म्यूटेशन) अपने नाम कराने और उस पर पूरी तरह कब्जा जमाने की साजिश रची जा रही थी।

विवेचना में मिले साक्ष्यों के बाद हुई गिरफ्तारी
वक्फ संपत्ति में हेरफेर की शिकायत के बाद चौक थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। मामले की कमान संभाल रहे विवेचक को जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद आजम के खिलाफ पुख्ता और वैज्ञानिक साक्ष्य मिले। साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी करते हुए बृहस्पतिवार को चौक थाना पुलिस की टीम ने आरोपी को धर दबोचा।

अन्य कड़ियों को भी खंगाल रही है पुलिस: प्रभारी निरीक्षक मामले की जानकारी देते हुए चौक थाना के प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि वक्फ संपत्ति से जुड़े इस फर्जीवाड़े में आरोपी मो. आजम को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य तथ्यों और संदिग्धों की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
