वाराणसी: मुर्दहा चौकी प्रभारी संध्या जायसवाल समेत पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश, थाना प्रभारी नहीं करेंगे जांच
चोलापुर पुलिस की आख्या खारिज; विशेष न्यायाधीश ने कहा- थाना प्रभारी नहीं करेंगे मामले की जांच, 15 दिनों में स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से मांगी रिपोर्ट।
वाराणसी, (भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क) : वाराणसी की विशेष अदालत (SC/ST एक्ट) ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुर्दहा पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत ने मामले की प्रारंभिक पुलिस आख्या पर असंतोष व्यक्त करते हुए यह फैसला सुनाया।


अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि इस मामले की जांच चोलापुर थाना प्रभारी नहीं करेंगे, बल्कि किसी स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष विवेचना कराई जाएगी।
चोलापुर पुलिस की आख्या में सामने आया विरोधाभास
यह आदेश सुशीला देवी बनाम संध्या जायसवाल व अन्य के मामले में सुनवाई करते हुए दिया गया। अदालत ने पत्रावली और चोलापुर पुलिस द्वारा प्रस्तुत आख्या का गहन अवलोकन किया, जिसमें गंभीर विरोधाभास पाए गए।

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लापता दस्तावेज: रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिस द्वारा रात के समय रोहित कुमार को ले जाने का तथ्य तो सामने आया, लेकिन उसे किसे और कब सुपुर्द किया गया, इससे संबंधित कोई दस्तावेज या जनरल डायरी (GD) प्रविष्टि रिकॉर्ड पर नहीं मिली।
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साक्ष्यों के आधार पर दलील: पीड़िता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में पुलिस की कार्रवाई, जनरल डायरी की प्रविष्टियों, वॉयस रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्शन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रारंभिक जांच दर्ज करने में हुई अनियमतताओं की ओर अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया।
थाना प्रभारी नहीं, स्वतंत्र अधिकारी करेंगे विवेचना
अदालत ने चोलापुर पुलिस की रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए निर्देश दिया कि:
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मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
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जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी को विवेचना से दूर रखा जाए।
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किसी स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) द्वारा निष्पक्ष जांच कराकर 15 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए।
मामले पर चोलापुर थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि अदालत के आदेश के अनुपालन में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार निष्पक्ष जांच अधिकारी की नियुक्ति कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


