Varanasi: साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश; कूटरचित आधार से खोलते थे म्यूट अकाउंट, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार
देशभर में दर्ज 21 शिकायतों में लगभग ₹76.44 लाख की ठगी का खुलासा, सिगरा पुलिस और साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई
वाराणसी (भदैनी मिरर): प्रदेशव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन साई-वज्र’ (Operation Cy-Vazra) के तहत वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सिगरा पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) खुलवाकर साइबर ठगी को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग की महिला सरगना और फर्जी बैंक किट डिलीवर करने वाले एक पोस्टमैन समेत कुल 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।


डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ देशभर से 21 से अधिक शिकायतें (NCRP) दर्ज हैं, जिनके जरिए अब तक लगभग ₹76,44,476 की ठगी की जा चुकी है।

पैसों का लालच देकर बनवाते थे फर्जी आधार कार्ड
डीसीपी क्राइम नीतू कादयान के अनुसार, यह गैंग टेलीकॉलिंग के जरिए लोगों को निशाना बनाता था। गिरोह की महिला सदस्य लोगों को ₹5,000 देने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड हासिल करती थीं।

इसके बाद, आरोपी आधार कार्ड में एड्रेस और फोटो एडिट (कूटरचना) करके उस पर वाराणसी के सिगरा क्षेत्र का फर्जी पता दर्ज कर देते थे। इसी फर्जी आधार कार्ड के आधार पर वाराणसी के विभिन्न बैंकों में नए खाते (म्यूल अकाउंट) खुलवाए जाते थे।
पोस्टमैन की मिलीभगत से गायब होती थी बैंक किट
अपराध के तरीके का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि जब बैंक खाते खुल जाते थे, तो पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड की डिलिवरी डाक विभाग के जरिए की जाती थी।

इस गिरोह में शामिल डाकिया (पोस्टमैन) बैंक किट डिलीवर होने से पहले ही गिरोह के अन्य सदस्यों को सूचना दे देता था और किट उन्हें सौंप देता था। इसके बाद फर्जी खाते से जुड़े सिम और बैंक किट को कोरियर के जरिए अन्य राज्यों में बैठे मुख्य साइबर अपराधियों तक पहुंचा दिया जाता था।
भेलूपुर क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी, भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन में चलाई गई इस मुहिम में, एसीपी चेतगंज के कुशल नेतृत्व और साइबर क्राइम सेल की मदद से दिनांक 26 जुलाई 2026 को ओम पब्लिक स्कूल तिराहा, महमूरगंज (थाना भेलूपुर) के पास से सभी 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी का विवरण:
-
07 अदद चेकबुक (विभिन्न बैंक)
-
03 अदद सील्ड डेबिट कार्ड
-
11 पासबुक
-
06 एंड्रॉइड स्मार्टफोन
-
02 पैन कार्ड और 03 कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड
-
पुलिस ने एक बैंक खाते में जमा ₹6 लाख रुपये फ्रीज भी कराए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची:
-
अनिल कुमार (उम्र 22 वर्ष) – निवासी: जयप्रकाश नगर, शिवपुरवा, थाना सिगरा, वाराणसी।
-
आरती कुमारी (काल्पनिक नाम) (उम्र 20 वर्ष) – निवासी: म्योरपुर, जनपद सोनभद्र (महिला सरगना)।
-
मालती / माला (काल्पनिक नाम) (उम्र 22 वर्ष) – निवासी: म्योरपुर, जनपद सोनभद्र।
-
उमंग कुमार (उम्र 22 वर्ष) – निवासी: डुमरडीहा, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र।
-
जितेन्द्र कुमार कन्नौजिया (उम्र 35 वर्ष) – निवासी: केराकत, जौनपुर (वर्तमान पता: निराला नगर, थाना सिगरा, वाराणसी)।
-
शोभनाथ (उम्र 55 वर्ष - पोस्टमैन) – निवासी: रानीपुर, महमूरगंज, थाना सिगरा, वाराणसी।
बिहार नेटवर्क से जुड़े हैं तार, चल रही है जांच
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह के तार बिहार समेत अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं। वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर और बलिया क्षेत्र का काम यही नेटवर्क संभाल रहा था। पुलिस की सर्विलांस टीम अब बिहार से जुड़े मुख्य सरगनाओं और दूसरे लेयर के अपराधियों को ट्रेस करने में जुटी हुई है।
आरोपियों के खिलाफ थाना सिगरा में मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली प्रमुख टीम: प्रभारी निरीक्षक सिगरा श्री शिवाकान्त मिश्र, साइबर सेल प्रभारी उ०नि० मनोज कुमार तिवारी, उ०नि० भरत भट्ट, उ०नि० रोहित त्रिपाठी, म०उ०नि० काजोल सिंह और साइबर टीम के उ०नि० कृष्ण कुमार जायसवाल।

