Varanasi Crime: पत्नी और मासूम बच्ची को छोड़ नाबालिग साली को भगाने वाला कलयुगी जीजा गिरफ्तार, लोहता पुलिस को 8 महीने बाद मिली कामयाबी
मुड़ैला तिराहा से दबोचा गया आरोपी विनोद पटेल; थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 17 वर्षीय पीड़िता को सकुशल किया बरामद।
वाराणसी (भदैनी मिरर):
रिश्तों को तार-तार करने और सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखने वाला एक सनसनीखेज मामला वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र से सामने आया है। अपनी सगी पत्नी और दूधमुंही मासूम बच्ची को बेसहारा छोड़कर अपनी ही नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी जीजा को लोहता पुलिस ने अंततः गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 8 महीनों से पुलिस को चकमा देकर किशोरी के साथ फरार चल रहा था। लोहता थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने न सिर्फ आरोपी को जेल की सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि 17 वर्षीय अपहृता को भी सकुशल बरामद कर लिया है।


मुखबिर की सूचना पर मुड़ैला तिराहा से हुई गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष लोहता दिगम्बर उपाध्याय ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम लगातार फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में जुटी थी। बुधवार की रात करीब 8:10 बजे पुलिस को मुखबिर से एक सटीक सूचना मिली। इस इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मुड़ैला तिराहा के पास घेराबंदी की और आरोपी विनोद पटेल को धर दबोचा।

32 वर्षीय आरोपी विनोद पटेल मूल रूप से वाराणसी कमिश्नरेट के शिवपुर थाना अंतर्गत ग्राम बेलवरिया का निवासी है। पुलिस ने मौके से उसके चंगुल में फंसी नाबालिग पीड़िता को भी सुरक्षित छुड़ा लिया।
स्कूल जाने के दौरान किया था अपहरण
दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) के अनुसार, यह पूरा मामला नवंबर 2025 का है। आरोपी विनोद के साले ने 8 नवंबर 2025 को लोहता थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। प्रार्थना पत्र में साले ने आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बहन, जो क्षेत्र के ही एक स्कूल में पढ़ती थी, वह 4 नवंबर 2025 की सुबह करीब 7 बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी।

इसी दौरान आरोपी जीजा विनोद पटेल (जिसका दूसरा पता भूसौला पुलिस चौकी मुर्दहा, थाना चोलापुर है) ने नाबालिग को अपनी बातों के जाल में फंसाया और उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर अपने साथ ले गया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच और तलाश तेज कर दी थी।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम
8 महीने के लंबे इंतजार के बाद इस शातिर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने और किशोरी को सकुशल बरामद करने वाली टीम में थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय के अलावा उपनिरीक्षक (दरोगा) कौशल कुमार सिंह, महिला उपनिरीक्षक विजेता कुमारी, महिला कांस्टेबल लक्ष्मीना और कांस्टेबल ऋषिकेश राय शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी विनोद पटेल का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
