Varanasi: लखनऊ के कारोबारी पर वाराणसी में एक और केस, बालू सप्लाई के नाम पर ₹2.19 करोड़ की ठगी का आरोप
सारनाथ थाने में दर्ज हुई एफआईआर, 2018 में बैंक के जरिए ट्रांसफर किए गए थे 2.19 करोड़ रुपये, न बालू मिली न पैसा
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी में बालू सप्लाई का झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले जालसाजों के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। लखनऊ के कारोबारी राघवेंद्र दुबे और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस बार सारनाथ थाने में 2 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये की हेराफेरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी कारोबारी पर दो दिन पहले ही कैंट थाने में 4.50 करोड़ रुपये की ठगी का केस भी दर्ज हुआ था।

बैंक खाते से ट्रांसफर किए गए थे 2.19 करोड़ रुपये
सारनाथ थाना क्षेत्र के नवलपुर बसहीं (विश्वनाथपुरी कॉलोनी) निवासी और 'साईं बाबा इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स' के निदेशक जितेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मुलाकात लखनऊ के सुशांत शहीद पथ स्थित 'क्लासिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड' के को-डायरेक्टर राघवेंद्र दुबे से हुई थी। दोनों के बीच बालू सप्लाई को लेकर समझौता हुआ था।

सौदे के तहत जितेंद्र सिंह ने 15 मार्च 2018 तक विभिन्न किस्तों में बैंक के जरिए कुल 2,19,50,000 (दो करोड़ 19 लाख 50 हजार) रुपये राघवेंद्र दुबे के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पैसा लेने के बाद टालमटोल, फिर दी धमकी
रकम ट्रांसफर होने के बाद जब बालू की सप्लाई नहीं मिली, तो पीड़ित ने दबाव बनाना शुरू किया। आरोप है कि राघवेंद्र दुबे लगातार टालमटोल करते रहे। जब पानी सिर से ऊपर चला गया और पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी मुकर गए। पीड़ित जितेंद्र सिंह ने जब अपने स्तर पर पड़ताल की, तो पता चला कि आरोपी संगठित तरीके से कारोबारियों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े ठग गिरोह के रूप में काम करते हैं।

सारनाथ थाने में इन लोगों पर दर्ज हुई FIR
पीड़ित की शिकायत पर सारनाथ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं राघवेंद्र दुबे (को-डायरेक्टर, क्लासिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लखनऊ), देवाशीष शर्मा (निवासी: गोमती नगर, लखनऊ), मनोज यादव (निवासी: वाराणसी), प्रिंस सिंह (निवासी: वाराणसी) के अलावा कुछ अन्य अज्ञात आरोपी भी प्राथमिकी में शामिल हैं।
दो दिन के भीतर 6.69 करोड़ की ठगी के मामले आए सामने
गौरतलब है कि आरोपी राघवेंद्र दुबे का यह पहला मामला नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले रविवार को भी वाराणसी के कैंट थाने में दो अलग-अलग कारोबारियों ने राघवेंद्र पर 4.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। अब सारनाथ थाने में दर्ज नए मामले को मिलाकर केवल दो दिनों में ही 6.69 करोड़ रुपये की जालसाजी का खुलासा हो चुका है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
