Varanasi : तकिया से दम घोंटने के बाद गला रेतकर उतारा था मौत के घाट, ब्लैकमेलिंग और एकतरफा प्यार की खौफनाक वारदात
अत्यधिक रक्तस्राव से गई जान, दुष्कर्म की पुष्टि के लिए लैब भेजे गए सैंपल
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बच्छांव (पश्चिमपुरा) में एमएससी की 22 वर्षीया छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी विवेक चौबे ने श्रेया का तकिया से मुंह दबाकर सांसें रोकने का प्रयास किया और फिर मौत की पूरी तसल्ली करने के लिए धारदार चाकू से गला रेत दिया। वारदात के समय छात्रा ने खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वह आरोपी की हैवानियत से बच नहीं सकी।


कमरे का दृश्य और पुलिस का शुरुआती निष्कर्ष
घटनास्थल पर छात्रा का शव बाथरूम में मोजा पहने और जीभ बाहर निकली स्थिति में मिला। वहीं कमरे में पड़ा तकिया, दो चाकू और एक नई रस्सी बरामद हुई है। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे बंद या खराब मिलने के बाद पुलिस ने कॉलेज के पास के कैमरों की जांच की, जिसमें कपड़ों के आधार पर श्रेया को विवेक के साथ बाइक से जाते हुए देखा गया।

अत्यधिक खून बहने से हुई मौत
तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताई गई है। श्रेया के गले और पेट पर तेज धारदार हथियार से काटने के निशान मिले हैं। शरीर पर नाखूनों के निशान और बाल भी मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। छात्रा के साथ दुष्कर्म की आशंका को देखते हुए स्वाब सैंपल प्रयागराज स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए हैं।


ब्लैकमेलिंग, नीट की तैयारी और शादी तय होने की रंजिश
मृतका की मां रीता उपाध्याय के अनुसार, आरोपी विवेक चौबे (निवासी नियार डीह, चोलापुर) रिश्ते में चचेरी बुआ की ननद का लड़का है। वह नीट की तैयारी कराने के बहाने श्रेया के करीब आया था। श्रेया इकलौती संतान थी और परिवार संपन्न था, जिसके चलते विवेक की नजर उनकी संपत्ति पर भी थी।
एक वर्ष पूर्व विवेक ने श्रेया से शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे परिवार ने ठुकरा दिया था। इसके बाद उसने एडिटेड तस्वीरों के जरिए श्रेया को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और धमकी दी कि वह उसकी शादी कहीं और नहीं होने देगा। हाल ही में श्रेया का रिश्ता राजातालाब क्षेत्र के ही एक परिवार में डीआरडीओ में कार्यरत युवक से तय हुआ था, जिससे बौखलाकर विवेक ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
साजिश के तहत मोबाइल बंद कर हुआ फरार
पुलिस जांच में सामने आया है कि विवेक ने हत्या की साजिश पहले ही रच ली थी। 18 अगस्त को जब श्रेया कॉलेज के लिए निकली, तब विवेक उसे बहला-फुसलाकर बच्छांव स्थित अपने किराये के कमरे में ले गया। लोकेशन ट्रेस न हो सके, इसके लिए उसने वारदात से पहले ही अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, परिजनों में आक्रोश
पीड़ित परिवार ने राजातालाब पुलिस की ढिलाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरुआती जांच में सुस्ती बरती। आरोपी के ननिहाल से जब भतीजे ने चाबी हासिल की, तब जाकर कमरे का ताला खुला और शव मिला। परिजनों ने राजातालाब पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है।
आरोपी की तलाश में एसओजी और पुलिस की 4 टीमें
घटना के बाद से ही आरोपी विवेक चौबे फरार है। एसओजी समेत पुलिस की चार टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं, जगतपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रा की दुखद मृत्यु पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर दो मिनट का मौन रखा गया।
