वाराणसी: एसीपी व थानाध्यक्ष पर जानलेवा हमले के मामले में 7 आरोपियों को मिली अग्रिम जमानत
पानी के पाइप विवाद में हुई हिंसा के सात आरोपी अब जेल की बजाय अग्रिम जमानत पर रिहा, अदालत ने दी राहत
वाराणसी। पानी के पाइप को लेकर हुई हिंसा और एसीपी व थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला मामले में सात आरोपियों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। जिला जज संजिव शुक्ला की अदालत ने सुल्तानपुर, रामनगर निवासी आरोपित उमेश सोनकर, अजय सोनकर, गणेश प्रसाद विश्वकर्मा, राममूरत पटेल, चिराग पटेल, मुकुंद पटेल और अजय मौर्या को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।



अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आनंद तिवारी, पंकज और संदीप यादव ने पक्ष रखा।
घटना का संक्षिप्त विवरण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 9 नवम्बर 2025 को रामनगर थाने के उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिंह को सूचना मिली कि सुल्तानपुर गांव में पानी के पाइप को लेकर कुछ लोग ग्राम प्रधान रितू देवी से मारपीट कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने विशेष मौर्या, राहुल विश्वकर्मा और रोहित पटेल को थाने लाया।

इसके बाद सुल्तानपुर गांव के सैकड़ों लोग थाने पहुंचकर घेराव करने लगे। तब थानाध्यक्ष रामनगर ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पाकर एसीपी कोतवाली अतुल अंजान समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
लेकिन ग्रामीण उग्र हो गए और एसीपी, थानाध्यक्ष और कई पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने इस मामले में 55 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें से 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब सात आरोपियों को अदालत ने अग्रिम जमानत देते हुए राहत दी है।
