वाराणसी: एसिड अटैक की आरोपी महिला 12 साल बाद गिरफ्तार, दूसरे प्रेमी के चक्कर में थी फरार; मां की 'एक चाल' से खुली पोल
साल 2013 में तेजाब फेंककर गायब हुई थी महिला, मां ने समझा कि हो गई हत्या
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में 12 साल पहले हुए एक सनसनीखेज एसिड अटैक (तेजाब कांड) मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुपचुप तरीके से अपने दूसरे प्रेमी के साथ भागकर जबलपुर में रह रही आरोपी महिला विभा को पुलिस ने ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस शातिर महिला की गिरफ्तारी का जरिया कोई और नहीं, बल्कि उसकी खुद की मां द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका बनी।


क्या है 12 साल पुराना तेजाब कांड?
यह पूरा मामला साल 2013 का है। सारनाथ क्षेत्र की रहने वाली विभा का गुरुदयाल नामक व्यक्ति से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच विभा ने अपनी बहन ममता और जीजा संतोष के साथ मिलकर गुरुदयाल की पत्नी रेशमा पर तेजाब (एसिड) फेंक दिया।
इस खौफनाक वारदात के बाद पीड़ित रेशमा ने सारनाथ थाने में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभा की बहन ममता और जीजा संतोष को जेल भेज दिया था (जो फिलहाल जमानत पर हैं), लेकिन मुख्य आरोपी विभा अपने बेटे सावन के साथ अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी।

मां ने समझा 'बेटी का मर्डर हो गया', पहुंच गई हाईकोर्ट
विभा के सालों तक गायब रहने के कारण उसकी मां मुन्नी देवी और बहन ममता को शक हो गया कि विभा और उसके बेटे सावन की गुरुदयाल ने हत्या करवा दी है। हत्या की इसी आशंका को देखते हुए मां मुन्नी देवी ने साल 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में ‘हेबियस कॉर्पस’ (Habeas Corpus) के तहत रिट दाखिल कर दी और अपनी बेटी व नाती को कोर्ट के सामने पेश करने की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस को हर हाल में मां-बेटे को ढूंढकर लाने का कड़ा आदेश दे दिया।

कैशियर प्रेमी का सुराग और जबलपुर में ठिकाना
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस ने विभा की तलाश तेज की। जांच के दौरान पुलिस को एक गवाह से सुराग मिला कि साल 2013 में विभा को पांडेयपुर के एक बैंक कैशियर उमाकांत श्रीवास्तव के साथ देखा जाता था।
ऐसे जुड़ा कड़ियों से कड़ियां: पुलिस जब पांडेयपुर में कैशियर उमाकांत के घर पहुंची, तो पता चला कि वह मकान बिक चुका है। पड़ोसियों से मिले एक नंबर के जरिए पुलिस ने उमाकांत के बेटे से संपर्क साधा। बेटे से पिता का नंबर मिला, तो पता चला कि उमाकांत का निधन तो पिछले साल (मार्च 2025) ही हो चुका है, लेकिन उनका वह पुराना मोबाइल नंबर आज भी एक्टिव है और उसे विभा इस्तेमाल कर रही है। सर्विलांस की मदद से पुलिस लोकेशन ट्रैक करते हुए मध्य प्रदेश के जबलपुर (भेड़ाघाट) जा पहुंची, जहां विभा अपने बेटे सावन के साथ छिपकर रह रही थी।
14 साल पुराने दुष्कर्म के केस का भी होगा फैसला
सारनाथ थानाध्यक्ष ने बताया कि विभा की गिरफ्तारी से न सिर्फ एसिड अटैक केस का निस्तारण होगा, बल्कि साल 2012 में विभा द्वारा दर्ज कराए गए एक दुष्कर्म (रेप) के मामले की फाइल भी आगे बढ़ सकेगी। उस केस में विभा के लापता होने के कारण लंबे समय से उसका बयान दर्ज नहीं हो सका था, जो अब कोर्ट में कराया जाएगा।
