वाराणसी: मूक-बधिर किशोरी से दुष्कर्म मामले में आया कोर्ट का फैसला, दोषी सब्जी विक्रेता को आजीवन कारावास
विजय सोनकर ने साल 2021 में 17 वर्षीय दिव्यांग किशोरी के साथ की थी दरिंदगी और वीडियो किया था वायरल
वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी की एक विशेष अदालत ने मूक-बधिर किशोरी के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) एवं अपर जिला जज नितिन पांडेय की अदालत ने शनिवार को 17 वर्षीय दिव्यांग (मूक-बधिर) किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अस्सी निवासी विजय सोनकर (48 वर्ष) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 50,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है।


दिव्यांगता का फायदा उठाकर की थी दरिंदगी
विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, यह शर्मनाक घटना 24 अगस्त 2021 की दोपहर करीब दो बजे की है। पेशे से सब्जी विक्रेता आरोपी विजय सोनकर ने पीड़िता की शारीरिक अक्षमता (मूक-बधिर होने) का फायदा उठाया और एक टिनशेड वाले मकान में उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि दरिंदगी के दौरान आरोपी ने इस कृत्य का वीडियो भी बनाया जिसे बाद में इंटरनेट पर वायरल कर दिया। जब इसका विरोध किया गया, तो उसने गाली-गलौज भी की।

भेलूपुर थाने में दर्ज हुई थी FIR
घटना के एक हफ्ते बाद, पीड़िता के चाचा ने 31 अगस्त 2021 को भेलूपुर थाने में जाकर आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रमाकांत दूबे ने त्वरित जांच की। पुलिस ने सभी जरूरी साक्ष्यों व गवाहों को बारीकी से एकत्र किया और न्यायालय में केस की मजबूत पैरवी सुनिश्चित कराई।

कोर्ट में पेश हुए पुख्ता साक्ष्य और गवाह
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने आरोपी को सजा दिलाने के लिए अदालत के समक्ष 6 मौखिक गवाह और 11 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों में पीड़िता, उसके चाचा, संबंधित चिकित्सक और एक विशेष शिक्षिका (Special Educator) के महत्वपूर्ण बयान शामिल थे। इन्हीं गवाहियों और साक्ष्यों को आधार मानते हुए पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी विजय सोनकर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
